नई दिल्ली : महान गायिका लता मंगेशकर की आज यानी 28 सितंबर को 97वीं जयंती है। इस मौके पर PM मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय संगीत व संस्कृति में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि लता दीदी ने अपनी गायन प्रतिभा से दुनिया भर में देश का नाम रोशन किया। PM ने भारतीय संगीत की दुनिया में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक याद की जाएगी। लता मंगेशकर को प्यार से ‘लता दीदी’ और ‘नाइटिंगेल ऑफ इंडिया’ के नाम से याद किया जाता है। वह भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित प्लेबैक गायिकाओं में शामिल रहीं और उन्होंने कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी।
अपनी दिव्य गायन प्रतिभा से विश्व में देश का नाम रोशन करने वालीं आदरणीया लता दीदी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने भारतवर्ष को न केवल अपने सुमधुर सुरों से सजाया-संवारा, बल्कि देश की समृद्धि से जुड़ी हर पहल को भी सदैव प्रोत्साहित किया। भारतीय संगीत जगत में उनका अप्रतिम योगदान…
— Narendra Modi (@narendramodi) September 28, 2026
13 साल की उम्र में परिवार की जिम्मेदारी संभाली
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर जाने-माने शास्त्रीय गायक और थिएटर कलाकार थे। लता मंगेशकर ने कम उम्र में ही मंच पर प्रस्तुति देना शुरू कर दिया था। 1942 में पिता के निधन के बाद 13 साल की उम्र में उन्होंने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाली। उनके भाई-बहनों में मीना मंगेशकर, आशा भोसले, उषा मंगेशकर और हृदयनाथ मंगेशकर शामिल हैं।
इन गानों ने बनाई अलग पहचान
लता मंगेशकर ने अपने लंबे करियर में कई यादगार गीत गाए। उनके चर्चित गानों में महल का ‘आएगा आनेवाला’, मधुमती का ‘आजा रे परदेसी’, वो कौन थी? का ‘लग जा गले’, मुगल-ए-आजम का ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और दिल अपना और प्रीत पराई का ‘अजीब दास्तान है यह’ शामिल हैं। उनकी आवाज ने भारतीय सिनेमा के संगीत को कई दशकों तक प्रभावित किया। लता मंगेशकर को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था। लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को मुंबई में 92 वर्ष की उम्र में हुआ था।
Read More : ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, 3 महीने में हो फैसला



