रांची : JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन सोमवार को बेहद उग्र हो गया। रविवार को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच हुई वार्ता विफल होने के बाद, सोमवार अहले सुबह से ही छात्रों ने रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ओल्ड विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों से 500 से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया है। सभी हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों को बसों में बैठाकर अस्थायी (कैंप) जेल ले जाया गया है।
CM आवास के बाहर बीजेपी का भारी प्रदर्शन, कई वरिष्ठ नेता डिटेन
छात्रों के आंदोलन के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी खुलकर मैदान में उतर आई है। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव को सुबह से ही घर में नजरबंद कर दिया गया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, सीपी सिंह और नवीन जायसवाल सहित कई विधायक अपने समर्थकों के साथ CM आवास के सामने धरने पर बैठ गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: वाटर कैनन और टीयर गैस तैनात
विधानसभा घेराव और आंदोलन को देखते हुए रांची प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। जगन्नाथपुर मंदिर के पास भारी बैरिकेडिंग की गई है और स्थिति पर काबू पाने के लिए वाटर कैनन (जल तोप) और टीयर गैस (आंसू गैस) की गाड़ियां तैनात की गई हैं। एसडीएम सौरभ कुमार ने बताया कि कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए यह प्रशासनिक तैयारी की गई है। यदि कोई शांति भंग करने का प्रयास करेगा तो प्रशासन सख्त कदम उठाएगा।
अनशनकारी छात्रों का हुआ मेडिकल चेकअप
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार भूख हड़ताल और अनशन पर बैठे छात्रों का डॉक्टरों की टीम द्वारा मेडिकल चेकअप किया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि अनशन के कारण छात्रों के स्वास्थ्य में थोड़ी गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन वर्तमान में उनकी स्थिति स्थिर है और फिलहाल किसी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं है।
झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी पहुंचे छात्र
प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि इस आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है। झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचे हैं। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक JPSC और JSSC परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर ठोस लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा।



