झारखंड आंदोलनकारी 15 नवंबर को करेंगे आमरण अनशन, रांची में ऐलान

रांची : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की कोर कमेटी की बैठक अल्बर्ट एक्का चौक स्थित सीपीआई कार्यालय में हुई। बैठक में आंदोलनकारियों की मांगों पर सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में 15 नवंबर 2026 को आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन करने

आंदोलनकारी
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का ऐलान

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की कोर कमेटी की बैठक अल्बर्ट एक्का चौक स्थित सीपीआई कार्यालय में हुई। बैठक में आंदोलनकारियों की मांगों पर सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में 15 नवंबर 2026 को आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। मोर्चा ने कहा कि इस कार्यक्रम में राज्यभर से हजारों आंदोलनकारी शामिल होंगे। प्रदर्शन में पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र के साथ भाग लेने का भी ऐलान किया गया है। मोर्चा की प्रमुख मांगों में झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय सम्मान और अलग पहचान देना, उनके लिए रोजगार एवं नियोजन की गारंटी सुनिश्चित करना और जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी को 50-50 हजार रुपये मासिक सम्मान पेंशन देना शामिल है।

Read More : झारखंड सूचना आयोग 6 साल से निष्क्रिय, 150 लोगों ने उठाई आवाज

स्थापना दिवस पर होगा प्रदर्शन

बैठक के बाद झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों और उनके संघर्ष एवं बलिदान को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। इससे आंदोलनकारियों में निराशा है। पुष्कर महतो के अनुसार, 15 नवंबर 2026 को बिरसा मुंडा की जयंती और झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर आमरण अनशन, धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मोर्चा ने इसे आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार और रोजगार से जुड़ी मांगों को लेकर निर्णायक पहल बताया है।

नवंबर में तीन जगह होंगी सभाएं और प्रदर्शन

15 नवंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मोर्चा ने नवंबर से पहले कई आयोजन करने की घोषणा की है।

  • 25 अक्टूबर: रांची के पंच परगना क्षेत्र में विशाल सभा आयोजित की जाएगी।
  • 1 नवंबर: गिरिडीह में विशाल सभा और प्रदर्शन होगा।
  • 6 नवंबर: गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड के बनारी स्थित मिशन चौक के पास झारखंड आंदोलनकारी अजीत तिग्गा की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इसके साथ ही विशाल सभा भी आयोजित होगी।

मोर्चा का कहना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए राज्यभर के आंदोलनकारियों को एकजुट कर 15 नवंबर के प्रस्तावित आंदोलन की तैयारी की जाएगी।

50 हजार रुपये पेंशन और रोजगार की गारंटी की मांग

पुष्कर महतो ने आरोप लगाया कि झारखंड आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्रियों और आश्रितों के लिए आरक्षित नौकरियों के प्रावधानों के साथ झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग के स्तर पर अन्याय हुआ है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार से आंदोलनकारियों के संघर्ष और शहादत के महत्व पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। मोर्चा की मांग है कि आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन मिले, उनकी अलग पहचान सुनिश्चित हो और उनके परिवारों के लिए रोजगार एवं नियोजन की व्यवस्था की जाए। संगठन का कहना है कि जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन देने के आश्वासन पर भी सरकार को अमल करना चाहिए।

कोर कमेटी की बैठक में कई सदस्य रहे मौजूद

बैठक की अध्यक्षता दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के प्रभारी अन्थन लकड़ा ने की। मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष रोजलीन तिर्की, भारदुल भुइयां, मणिलाल माझी, मीनू टुडू, जीतन कोल, बुधन हांसदा, मलोती मरांडी, रघुनाथ सिंह, रामकृष्ण सिंह, विकास बाउरी, जमाल अंसारी, कोरा बाउरी, अनिल कुमार मेहता, शीला कच्छप, रेखा देवी, रतिया खड़िया, दिवाकर साहू, प्रकाश खलखो, विजय उरांव, निर्मल, सरा उरांव, छोटा लोहार, बोलो उरांव, खोरस केरकेट्टा, हीरा प्रधान, परमेश्वर भोक्ता, आस्तिक कुमार, पुनीत उरांव, रंजीनी कंडुलना, बेला बलवंती एक्का, अब्दुल खालिक, विनोद पांडे और सरयू राम लट्टू पांडे सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *