रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने मणिपुर की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मणिपुर में शांति बहाल करने में केंद्र सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। अब राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव को टालने की आशंकाएं लोकतंत्र और जनता के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
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आलोक कुमार दूबे ने कहा कि अगर अमित शाह जम्मू-कश्मीर की तरह मणिपुर में भी चुनाव रोककर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार छीनने की कोशिश करेंगे, तो INDIA गठबंधन चुप नहीं बैठेगा। जनता को उसके अधिकार वापस दिलाने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह तीन साल पहले ही यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ चुके हैं कि मणिपुर में शांति जनता को ही लानी है। सवाल यह है कि जब देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है, तो मणिपुर में शांति स्थापित करने में मोदी सरकार क्यों नाकाम रही?
आलोक दूबे ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलकर स्पष्ट भरोसा दिलाया था कि वे शांति बहाली के लिए प्रयास करें, विपक्ष उन्हें पूरा समर्थन देगा। इसके बावजूद दिल्ली में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर में शांति कायम करने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
मणिपुर की जनता को शांति, सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकार चाहिए
उन्होंने कहा कि मणिपुर की जनता को शांति, सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकार चाहिए, न कि राजनीतिक अनिश्चितता। यदि भाजपा सरकार चुनावी हार की आशंका से चुनाव टालने की कोशिश करती है, तो यह जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान होगा।
आलोक कुमार दूबे ने स्पष्ट कहा कि मणिपुर के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना INDIA गठबंधन की प्रतिबद्धता है। केंद्र सरकार को अपनी जिम्मेदारी से बचने के बजाय मणिपुर में शांति बहाल करने और समय पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए।



