नई दिल्ली : प्राकृतिक आपदाओं में भूकंप सबसे खतरनाक घटनाओं में से एक माना जाता है, क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट संकेत के कुछ ही सेकंड में भारी तबाही मचा सकता है। हालांकि, आधुनिक तकनीक की मदद से अब भूकंप आने से पहले लोगों तक चेतावनी पहुंचाना संभव हो रहा है। Google का Earthquake Alerts फीचर इसी दिशा में काम करता है।
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हाल ही में वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप के दौरान सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि उन्हें भूकंप आने से कुछ समय पहले ही Google की ओर से मोबाइल पर चेतावनी नोटिफिकेशन मिला था। लोगों के साझा किए गए स्क्रीनशॉट के अनुसार, वहां पहले 7.4 और उसके बाद 7.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। दोनों घटनाओं से पहले कई मोबाइल यूजर्स को अलर्ट प्राप्त हुआ।
Google अलर्ट में क्या जानकारी मिलती है
Google का Earthquake Alert उपयोगकर्ताओं को संभावित भूकंप की दूरी और उसके आने के अनुमानित समय की जानकारी देता है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, अलर्ट में लगभग 6.2 तीव्रता के संभावित भूकंप का उल्लेख करते हुए बताया गया था कि इसका केंद्र करीब 341 किलोमीटर की दूरी पर है। Google का कहना है कि उसका सिस्टम उपलब्ध डेटा का विश्लेषण करने के बाद प्रभावित क्षेत्र के मोबाइल फोन पर तेजी से चेतावनी भेजता है, ताकि लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का कुछ समय मिल सके।
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कैसे काम करता है Google का Earthquake Alerts फीचर
आज के अधिकांश Android स्मार्टफोन एक्सेलेरोमीटर (Accelerometer) सेंसर के साथ आते हैं। यही सेंसर फोन की गति, झुकाव और कंपन को पहचानता है। Google का सिस्टम इन सेंसरों से मिलने वाले डेटा का विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश करता है कि कंपन सामान्य है या भूकंप से जुड़ा हुआ।
Google के अनुसार, उसके नेटवर्क में करीब 2 अरब स्मार्टफोन शामिल हैं। जब किसी क्षेत्र के कई फोन एक जैसी कंपन दर्ज करते हैं, तो सिस्टम उस डेटा का विश्लेषण करता है। यदि भूकंप की पुष्टि होती है, तो प्रभावित इलाकों के मोबाइल फोन पर तुरंत चेतावनी भेज दी जाती है। Google इस सेवा के तहत दो प्रकार के अलर्ट जारी करता है। पहला हल्के भूकंप के लिए और दूसरा अधिक तीव्र भूकंप के लिए, ताकि उपयोगकर्ता स्थिति के अनुसार सावधानी बरत सकें।
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