नई दिल्ली : पीएम मोदी का एक आधिकारिक वीडियो फेसबुक से कुछ समय के लिए हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मेटा ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए माफी मांग ली है, लेकिन केंद्र सरकार इस सफाई से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रही। सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के जरिए मेटा और इंस्टाग्राम के ग्लोबल अधिकारियों को समन भेजा है। सरकार यह जानना चाहती है कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह रही, जिसके कारण प्रधानमंत्री के आधिकारिक वीडियो तक भारतीय यूजर्स की पहुंच अचानक रोक दी गई। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और कंपनी से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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फेसबुक पर वीडियो खोलने पर दिखा कानूनी कार्रवाई वाला संदेश
यह मामला 28 जुलाई की तड़के सामने आया, जब कई भारतीय यूजर्स ने शिकायत की कि वे पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक पर नहीं देख पा रहे हैं। वीडियो खोलने की कोशिश करने पर स्क्रीन पर एक स्वचालित संदेश दिखाई दे रहा था, जिसमें लिखा था कि “कानूनी अनुरोध के कारण भारत में इस वीडियो की पहुंच सीमित कर दी गई है।” इस संदेश के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि आखिर प्रधानमंत्री के आधिकारिक वीडियो पर इस तरह की रोक क्यों लगाई गई।
मेटा ने मानी गलती, कहा- तकनीकी गड़बड़ी थी
मामला बढ़ने के बाद मेटा ने अपनी सफाई जारी की। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वीडियो पर लगी रोक किसी कानूनी आदेश या सरकारी निर्देश की वजह से नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम था। मेटा ने इस गलती पर खेद जताते हुए माफी मांगी और कहा कि समस्या का पता चलते ही उसे ठीक कर दिया गया, जिसके बाद वीडियो फिर से सामान्य रूप से उपलब्ध करा दिया गया।
सरकार ने कहा- ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस पूरे मामले को सिर्फ तकनीकी गलती मानकर छोड़ने के पक्ष में नहीं है। सरकार का मानना है कि देश के प्रधानमंत्री के आधिकारिक वीडियो की पहुंच अचानक सीमित हो जाना बेहद गंभीर मामला है। इसलिए यह पता लगाया जाएगा कि सिस्टम में आखिर ऐसी चूक कैसे हुई। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अब मेटा और इंस्टाग्राम के ग्लोबल अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगेगा। माना जा रहा है कि कंपनी से तकनीकी रिपोर्ट भी तलब की जा सकती है।
पेपर लीक पर युवाओं को संबोधित कर रहे थे प्रधानमंत्री
जिस वीडियो को लेकर यह विवाद हुआ, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेल्फी फॉर्मेट में रिकॉर्ड किया गया संदेश था। इस वीडियो में उन्होंने देशभर में चर्चा का विषय बने पेपर लीक मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। साथ ही उन्होंने इस विषय पर केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रिमंडल की प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी देते हुए खास तौर पर जेन-जी (Gen-Z) युवाओं को संबोधित किया था।
इंस्टाग्राम पर रिकॉर्ड व्यूज, फेसबुक पर कुछ देर के लिए रुकी पहुंच
दिलचस्प बात यह रही कि जिस वीडियो की फेसबुक पर कुछ समय के लिए पहुंच सीमित हो गई थी, उसी वीडियो को इंस्टाग्राम पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। जानकारी के मुताबिक, वीडियो को 24 घंटे के भीतर 300 मिलियन (30 करोड़) से अधिक बार देखा गया।




