साहिबगंज : झारखंड के साहिबगंज जिले की सीमा पर स्थित मखमलपुर और बिहार के बाबुपुर के बीच संपर्क मार्ग पिछले दस दिनों से बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूबा हुआ है। लगभग आधा किलोमीटर तक सड़क जलमग्न हो जाने के कारण इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप्प हो गया है। दैनिक कामकाजी लोगों और ग्रामीणों को अब आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और अधूरा सड़क निर्माण
स्थानीय निवासियों का कहना है कि झारखंड सरकार ने अपने सीमा क्षेत्र तक सड़क का निर्माण पूरा करा दिया है, लेकिन बिहार के बाबुपुर इलाके में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता के कारण सड़क अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस बाइपास सड़क को ऊंचा कर बीच-बीच में दो-तीन पुलिया (कैलवर्ट) बना दी जाएं, तो इस स्थाई समस्या का समाधान हो सकता है। मखमलपुर और बाबुपुर में रहने वाले अधिकांश लोग आपस में रिश्तेदार हैं। सामान्य दिनों में जहां दोनों गांवों के बीच की दूरी तय करने में मात्र 5 मिनट का समय लगता था, वहीं अब लोगों को नाव के इंतजार में घंटों रुकना पड़ता है।
गंगा के जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी, दियारा में बढ़ा खतरा
इधर, साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पानी में प्रति घंटा लगभग 1 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गुरुवार (3 सितंबर) की सुबह जलस्तर 27.62 मीटर मापा गया। आगामी दिनों में इसके 27.86 मीटर या उससे अधिक पहुंचने की संभावना है। गंगा के दोबारा उफान पर आने से दियारा क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है।
10 साल से बरकरार समस्या, अवैध वसूली का आरोप
स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद नसीम और मोहम्मद अब्दुल जलील ने बताया कि यह समस्या पिछले 10 वर्षों से बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों और विभागीय लापरवाही की वजह से सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। जलजमाव और कटान का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने इस मार्ग को अवैध वसूली का जरिया बना लिया है। ग्रामीणों ने भागलपुर जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर सड़क निर्माण और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।




