लगांव (महाराष्ट्र): रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ ने आज रविवार को महाराष्ट्र के जलगांव स्थित आईएमए सभागार में आरोग्य भारती द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ समाज के निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रबुद्धजनों के साथ विचार साझा किए। कार्यक्रम में पर्यावरण दिग्दर्शिका का विमोचन, प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को पर्यावरण सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता पद्मश्री चैत्राम पवार ने की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के विधायक सुरेश दामू भोले, भारत सरकार के पूर्व आयुष सलाहकार एवं आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय, राष्ट्रीय महासचिव सुनील जोशी, राष्ट्रीय पर्यावरण प्रमुख प्रवीण प्रभाकर, जलगांव की महापौर श्रीमती दीपमाला काले, प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. लीना पाटिल सहित अनेक पर्यावरणविद्, वैज्ञानिक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
पर्यावरण संरक्षण केवल किसी संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है
संजय सेठ ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। भारतीय संस्कृति के कण-कण में प्रकृति के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण का भाव समाहित है। हमारे पर्व-त्योहार भी प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने और उसके संरक्षण का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा लेनी चाहिए। झारखंड के करमा और सरहुल जैसे पर्व प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, परंपरा और पर्यावरण चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। इन परंपराओं में प्रकृति को पूजने के साथ-साथ उसके संरक्षण का संदेश भी निहित है।
आज अधिक सुविधाएं हासिल करने की दौड़ में हम अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण, दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं
श्री सेठ ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज अधिक सुविधाएं हासिल करने की दौड़ में हम अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण, दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। विशेषकर प्लास्टिक का अंधाधुंध उपयोग मानव स्वास्थ्य और प्रकृति के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इस दिशा में प्रत्येक नागरिक को जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण के व्यापक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आरोग्य भारती का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को स्वस्थ बनाकर स्वस्थ भारत का निर्माण करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वच्छ एवं संरक्षित पर्यावरण अत्यंत आवश्यक है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण और समाज की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में आरोग्य भारती का प्रयास सराहनीय एवं प्रेरणादायी है।
संजय सेठ ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और संरक्षित पर्यावरण ही सशक्त, समृद्ध एवं विकसित भारत की मजबूत आधारशिला हैं। हम सभी को प्रकृति के संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लेना चाहिए।


