बताया गया कि जंगली हाथी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के दरवाजे और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। इसके अलावा पानी की टंकी, बेड समेत कई अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो गए। हाथी के परिसर में घुसने से वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि परिसर में पिछले करीब 15 दिनों से हाई-मास्ट लाइट खराब पड़ी है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण रात में हाथी की मौजूदगी का समय रहते पता लगाना मुश्किल हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पर्याप्त रोशनी होती तो हाथी के पहुंचने की जानकारी पहले मिल सकती थी और नुकसान को कम किया जा सकता था। ग्रामीणों ने हाई-मास्ट लाइट को तत्काल दुरुस्त कराने के साथ स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना होने पर लोगों और सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।
वन विभाग ने कहा- हाथी के करीब न जाएं
इधर, वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि अगर कहीं जंगली हाथी दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे भगाने की कोशिश न करें। लोगों को हाथी की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की सलाह दी गई है, ताकि समय रहते जरूरी कार्रवाई की जा सके।
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