रांची : रांची के महुआजारी पंचायत भवन और कानीजाड़ी गांव में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े कानून पर डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीणों को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 यानी POSH Act के प्रावधानों की जानकारी दी गई।
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यह 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान चरण-1 के तहत आयोजित किया जा रहा है। अभियान झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश तथा झालसा सदस्य सचिव रंजना अस्थाना और न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा, रांची अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल की जानकारी
डालसा के पीएलवी सुमन ठाकुर ने बताया कि महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए POSH Act के प्रावधानों की जानकारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि कानून का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकना, निषिद्ध करना और शिकायतों का प्रभावी निवारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत महिलाओं को कार्यस्थल पर गरिमा और सम्मान के साथ काम करने का अधिकार प्राप्त है।
बच्चों को मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी
पीएलवी कालिन्दर गोप और हरिराम करमाली ने नालसा की ‘बच्चों के लिए बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं योजना-2024’ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के जरूरतमंद, पीड़ित या कानून से संघर्षरत बच्चों को 100 प्रतिशत निःशुल्क कानूनी सहायता पाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों की जरूरतों के अनुसार न्याय प्रणाली को सुलभ और बाधा-मुक्त बनाना योजना का मुख्य उद्देश्य है।
घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं
डालसा टीम ने डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। टीम ने समस्याओं के समाधान से जुड़ी जानकारी देने के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन भी लिए। ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, पीएम किसान योजना, पशुपालन शेड योजना, राशन कार्ड, सिंचाई मशीन और लेबर कार्ड से संबंधित आवेदन लिए गए। कार्यक्रम के दौरान करीब 250 लोग जागरूक हुए और नालसा-झालसा की विभिन्न योजनाओं से रूबरू हुए।
राष्ट्रीय लोक अदालत और सामाजिक मुद्दों पर जानकारी
डालसा की अलमा एक्का, पुनम देवी और पुष्पलता देवी ने आगामी 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी दी। पीएलवी तालिब अंसारी, पम्मी देवी और सुजिता देवी ने ग्रामीणों को बाल विवाह, बाल श्रम, दहेज प्रथा, डायन-बिसाही और स्पॉन्सरशिप योजना के बारे में बताया। इस अवसर पर डालसा टीम के पीएलवी सुमन ठाकुर, कालिन्दर गोप, सुजिता देवी, पुष्पलता देवी, पुनम देवी, फुलकुमारी देवी, तालिब अंसारी, हरिराम करमाली और पम्मी देवी सहित कानीजाड़ी गांव के ग्रामीण मौजूद रहे।




