रांची : सार्वजनिक जगहों की साफ-सफाई, पर्यावरण बचाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाने को लेकर रांची नगर निगम ने दो मामलों में कार्रवाई की है। निगम ने सड़क और नाली पर गंदा पानी बहाने के मामले में एक व्यक्ति पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, बिना अनुमति सड़क काटकर पाइप बिछाने के मामले में भी 5 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया है। नगर निगम ने दोनों मामलों में झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और दूसरे संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की है। निगम ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक सड़क, नाली या दूसरी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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ओझा मार्केट में सड़क और नाली पर बहाया दूषित पानी
पहला मामला वार्ड संख्या 32 के ओझा मार्केट, विकास नगर का है। यहां एक भवन स्वामी द्वारा सेप्टिक टैंक का दूषित पानी सार्वजनिक सड़क और नाली में बहाया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए संबंधित भवन स्वामी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
बिना अनुमति सड़क की खुदाई कर बिछा रहे थे पाइप
दूसरा मामला वार्ड संख्या 03 के शक्ति कुंज, ग्रीन पार्क रोड, सराईटांड़, मोरहाबादी का है। यहां एक व्यक्ति बिना सक्षम अनुमति के सार्वजनिक सड़क की खुदाई कर पाइप बिछाने का काम कर रहा था। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति सड़क कटिंग करने के मामले में निगम ने संबंधित व्यक्ति पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
निगम ने नागरिकों से की अपील
रांची नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सड़क, नाली या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सेप्टिक टैंक का दूषित पानी, मल अपशिष्ट या अन्य गंदा पानी बहाना स्वीकार्य नहीं है। इसी तरह बिना सक्षम अनुमति सार्वजनिक सड़क की खुदाई या कटिंग कर पाइप बिछाने की भी अनुमति नहीं है। निगम के अनुसार, ऐसे कार्यों से सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण और नागरिकों की सामान्य आवाजाही प्रभावित होती है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि सेप्टिक टैंक और अपशिष्ट जल का निस्तारण निर्धारित मानकों और विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार ही करें।
सार्वजनिक सड़क या अन्य सार्वजनिक संपत्तियों में किसी भी तरह की खुदाई, कटिंग या निर्माण संबंधी कार्य से पहले सक्षम अनुमति लेना जरूरी है। नगर निगम ने कहा है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों, संस्थानों या प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।




