खूंटी/रांची : खूंटी जिले में जल जीवन मिशन के तहत संचालित ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं में बिना काम किए या अधूरे कार्यों के आधार पर सरकारी राशि के भुगतान का आरोप लगा है। इस मामले में झारखंड छात्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कांके स्थित विश्वा सभागार में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर जांच और दोषी अभियंताओं तथा संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
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82 योजनाओं में 38 को पूर्ण दिखाने का आरोप
संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने बताया कि खूंटी प्रखंड की लांदुप पंचायत के क्लस्टर-8बी में कुल 82 जलापूर्ति योजनाएं स्वीकृत थीं। विभागीय फाइलों और पोर्टल पर इनमें से 38 योजनाओं को पूर्ण दिखाया गया है, जबकि जमीनी जांच में केवल सात योजनाएं ही पूरी मिलीं। अली के मुताबिक, आठ योजनाओं में पहुंच पथ तक नहीं बनाया गया है और बाकी योजनाएं भी अधूरी हैं। इसके बावजूद संबंधित एजेंसी को 3.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।
अन्य क्लस्टरों में भी अनियमितता का आरोप
संघ ने क्लस्टर-8ए, 9ए, 9बी, 10ए, 10बी और 11ए में भी इसी तरह की अनियमितताओं का आरोप लगाया। प्रतिनिधिमंडल ने तत्कालीन कनीय अभियंता रामजी प्रसाद, सहायक अभियंता राम सुंदर राम, कार्यपालक अभियंता सुरेंद्र कुमार दिनकर और संबंधित संवेदकों की भूमिका की जांच कराने की मांग की।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि थर्ड पार्टी निरीक्षण और जमीनी सत्यापन के बिना भुगतान किया गया, जो सरकारी निर्देशों का उल्लंघन है। संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंत्री से मुलाकात करने वालों में संघ के रंजीत उरांव, विकास होरो, मोहम्मद फुरकान, सुरेश मुंडा, जियाउद्दीन अंसारी, गुलजार खान, आसिफ, सरफराज सामी, अबुरेहान, मजीद आलम और इस्राइल अंसारी सहित अन्य सदस्य शामिल थे।



