रांची : रांची के व्यवहार न्यायालय स्थित 40 कोर्ट्स बिल्डिंग के कॉन्फ्रेंस हॉल में मंगलवार को करीब 180 कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स (PLV) के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। स्वागत भाषण और मंच संचालन डालसा सचिव राकेश रौशन ने किया।
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PLV, LADCS और पैनल अधिवक्ताओं की भूमिका पर जोर
झालसा सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना ने कानूनी सहायता तंत्र को मजबूत और जन-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पैरा लीगल वालंटियर्स (PLV), लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) और पैनल अधिवक्ताओं की भूमिका समाज के अंतिम व्यक्ति तक त्वरित और सुलभ न्याय पहुंचाने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने PLV, LADCS के सदस्यों और पैनल अधिवक्ताओं से उन्हें दिए गए दायित्वों का संवेदनशीलता और सुव्यवस्थित तरीके से निर्वहन करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी अपने सर्वोच्च क्षमता के अनुसार कार्य करें, ताकि न्याय समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। सदस्य सचिव ने मध्यस्थों और पैनल अधिवक्ताओं से ‘मीडिएशन फॉर नेशन 3.0’ पर फोकस करने को कहा। उन्होंने न्यायालय में लंबित अधिक से अधिक वादों को उक्त मध्यस्थता अभियान के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया, जिससे न्यायालय में लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सके।
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में जागरूकता पर जोर
माननीय न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 ने PLV को जागरूकता कार्यक्रमों को अधिक से अधिक आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड, पंचायत, गांव और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मोबाइल वैन, एलईडी वैन और अन्य माध्यमों से जागरूकता फैलाने की बात कही। उन्होंने PLV से पीड़ित महिलाओं को चिन्हित करने को कहा, जिन्हें मुआवजा नहीं मिला है। ऐसे मामलों में आवेदन डालसा कार्यालय में जमा कराने और लाभुकों को मुआवजा दिलाने में मदद करने का निर्देश दिया गया।
माण्डर लीगल-एड-क्लिनिक का भी हुआ निरीक्षण
कार्यक्रम के अंत में झालसा के उप-सचिव अभिषेक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि नालसा के निर्देश पर झालसा सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना ने माण्डर लीगल-एड-क्लिनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लीगल-एड-क्लिनिक में पाई गई खामियों को दूर करने का निर्देश दिया गया। साथ ही PLV और LADCS के कार्यकलापों का अवलोकन किया गया, ताकि कार्य की गति को और बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि PLV सिस्टम के लिए काम कर रहे हैं और प्रयास रहता है कि PLV का वेतन समय पर दिया जा सके। उन्होंने PLV से जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नालसा और झालसा की योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की अपील की।
पीड़ितों के बीच चेक का वितरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि और माननीय न्यायायुक्त के हाथों पीड़ितों के बीच चेक का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर झालसा सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना, न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1, न्यायिक पदाधिकारीगण, डालसा सचिव राकेश रौशन, सभी न्यायिक दण्डाधिकारीगण, मध्यस्थगण, पैनल अधिवक्तागण, LADCS के सदस्यगण, कर्मचारीगण और सभी कार्यरत PLV उपस्थित थे।




