कानपुर : चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र पर बुधवार को आयोजित बीएसएफ (BSF) कांस्टेबल (मिनिस्ट्रियल) की परीक्षा भारी हंगामे और उपद्रव की भेंट चढ़ गई। केंद्र में तकनीकी खामियों, बिना किसी सुरक्षा जांच (चेकिंग) के प्रवेश देने और पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद आक्रोशित अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र परिसर में जमकर तोड़फोड़ और विरोध-प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस प्रशासन और बीएसएफ के उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप पर परीक्षा को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया।
40 मिनट तक बंद रहे सिस्टम, बिना चेकिंग मिली एंट्री
परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पहली पाली की परीक्षा शुरू होते ही लगभग 40 मिनट तक कंप्यूटर सिस्टम पूरी तरह ठप्प रहे। जब सिस्टम चालू हुए, तो कीबोर्ड और माउस काम नहीं कर रहे थे। भीषण उमस और बारिश के बीच परीक्षा हॉल में न तो बिजली थी और न ही पंखे चल रहे थे। मुंबई से परीक्षा देने पहुंची परीक्षार्थी शालिनी बागुन ने बताया कि सेंटर पर अभ्यर्थियों को बिना किसी चेकिंग या बायोमेट्रिक सत्यापन के सीधे अंदर प्रवेश दे दिया गया। जब छात्रों ने इन समस्याओं की शिकायत की, तो प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
भारी पुलिस बल तैनात, ADG बीएसएफ के हस्तक्षेप से रद्द हुई परीक्षा
छात्रों के उग्र प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह और एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में चकेरी, कैंट, जाजमऊ, नौबस्ता और रेलबाजार थानों का भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी इस बात पर अड़े थे कि जब तक बीएसएफ के आधिकारिक पोर्टल पर नई तारीख की घोषणा नहीं होती, वे प्रदर्शन बंद नहीं करेंगे। बढ़ते तनाव को देखते हुए कानपुर के पुलिस कमिश्नर ने तुरंत बीएसएफ के एडीजी (ADG) मकरंद देवेशकर से दूरभाष पर संपर्क किया। इसके बाद परीक्षा को रद्द करते हुए अगली तारीख 18 सितंबर घोषित की गई।
परीक्षा केंद्र को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश
घटनास्थल पर पहुंचीं एसीएम-2 (ACM-2) कैंट शिखा शुक्ला ने स्थिति का जायजा लेते हुए स्पष्ट कहा कि इस तरह के गैर-जिम्मेदार और लापरवाह परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह से ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगी। उल्लेखनीय है कि कानपुर के अलावा राजस्थान और जयपुर के कुछ परीक्षा केंद्रों से भी इसी प्रकार की गड़बड़ी और अव्यवस्था की खबरें सामने आई हैं।




