रांची : चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ के अपहरण की खबर झूठी निकली है। विधानसभा थाना क्षेत्र स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के पास से उसके अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर गठित टीम ने कुछ ही घंटों में सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि सौरभ का किसी गिरोह या अपराधी ने अपहरण नहीं किया था। वह अपनी मर्जी से अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने चला गया था और इसकी जानकारी अपने परिजनों को नहीं दी थी।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
मामला तब सामने आया, जब विधायक के परिजनों को सौरभ के अचानक लापता होने और विधानसभा थाना क्षेत्र में एमिटी यूनिवर्सिटी के पास उसके अपहरण की जानकारी मिली। शुरुआती आशंका और अफवाहों के बीच विधायक के बेटे के अपहरण की खबर फैलने लगी। मामला जनप्रतिनिधि के पुत्र से जुड़ा होने के कारण प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हो गया। पुलिस ने बिना देर किए सौरभ की तलाश शुरू कर दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने तत्काल विशेष पुलिस टीम गठित की। टीम को तकनीकी अनुसंधान के साथ संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही सौरभ के दोस्तों और उसकी अंतिम लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई गई।
जांच में सामने आया पूरा सच
तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि सौरभ किसी के दबाव में नहीं था और न ही उसे किसी ने बंधक बनाया था। वह खुद ही अपने दोस्तों के साथ बाहर गया था। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर कुछ ही घंटों में सौरभ को सुरक्षित बरामद कर लिया। पूछताछ के बाद उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
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