रांची : झारखंड के सिमडेगा की रहने वाली सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में झंडा गाड़ दिया। शुक्रवार को खेले गए फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से पटखनी देकर 44 साल बाद महिला हॉकी का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। भारत के लिए लालरेमसियामी ने मैच का इकलौता और निर्णायक गोल दागा। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने ओलंपिक का टिकट भी पक्का कर लिया। टीम की इस बड़ी जीत में झारखंड की चार खिलाड़ियों का शामिल होना राज्य के हॉकी प्रेमियों के लिए खुशी को और दोगुना कर गया।
𝗦𝗘𝗘 𝗬𝗢𝗨 𝗜𝗡 𝗟𝗔! ✈️🏑🇮🇳
The Indian Women’s Team are Asian Games 2026 champions and have secured direct qualification for the LA 2028 Olympic Games! 🏑🔥
One golden night. And another Olympic chapter awaits. 🇮🇳❤️#HockeyIndia #IndiaKaGame #AsianGames2026… pic.twitter.com/oBUqL4Hf7q
— Hockey India (@TheHockeyIndia) October 2, 2026
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झारखंड की चार बेटियां भारतीय टीम का हिस्सा
सिमडेगा की सलीमा टेटे भारतीय टीम की कप्तान हैं। उनके साथ अनुभवी खिलाड़ी निक्की प्रधान फाइनल के प्लेइंग इलेवन में शामिल रहीं। वहीं ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग भी भारतीय टीम का हिस्सा हैं। इस तरह भारतीय महिला हॉकी के एशियन गेम्स अभियान में झारखंड की चार बेटियों का योगदान रहा। सलीमा टेटे के लिए यह उपलब्धि खास है। हॉकी के लिए देशभर में पहचान रखने वाले सिमडेगा से निकलकर भारतीय टीम की कप्तानी तक पहुंचीं सलीमा ने अब अपनी कप्तानी में टीम को एशियन गेम्स का स्वर्ण दिलाया है।
One of the proudest days for Indian hockey! 🇮🇳❤️
Indian Women’s Team – Asian Games 2026 Champions!
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चीन के खिलाफ 1-0 से जीता फाइनल
फाइनल में चीन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा। लालरेमसियामी के निर्णायक गोल की बदौलत भारत ने 1-0 की बढ़त हासिल की और उसे मुकाबले के अंत तक कायम रखा। भारत ने इससे पहले 1982 के एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। तब भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड हासिल किया था। इसके बाद लंबे अंतराल के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में फिर स्वर्ण पदक जीता है।
हॉकी झारखंड और हॉकी इंडिया ने दी बधाई
हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज प्रसाद ने भारतीय टीम की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अब देश के लिए गौरव करने का वक्त है। झारखंड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 44 साल बाद देश की झोली में गोल्ड दिलाने में योगदान दिया है। मनोज प्रसाद ने कहा कि सलीमा टेटे की कप्तानी और टीम में झारखंड की चार खिलाड़ियों की मौजूदगी राज्य के लिए गर्व की बात है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने भी भारतीय महिला टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन बच्चियों ने इतिहास रचा है। लगातार हॉकी को लेकर झारखंड और पूरे देश में खिलाड़ियों को तैयार करने का माहौल बन रहा है और आज खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से इसे साबित किया है।
सलीमा टेटे की कप्तानी ने पल को बनाया यादगार
फाइनल की आखिरी सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर जीत का जश्न मनाया। 44 साल बाद मिले इस स्वर्ण के साथ भारतीय महिला हॉकी ने एशियन गेम्स में एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। वहीं, सलीमा टेटे की कप्तानी और झारखंड की चार खिलाड़ियों की मौजूदगी ने इस ऐतिहासिक जीत को राज्य की हॉकी के लिए भी यादगार बना दिया।





