रांची : भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस और विपक्ष पर चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के आधिकारिक बयान के बाद SIR और आयोग के फैसलों को लेकर विपक्ष के दावों की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
आदित्य साहू ने दावा किया कि चुनाव आयोग की ओर से जारी संयुक्त बयान में SIR समेत प्रमुख फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया गया है। चुनाव आयोग ने भी हाल में कहा है कि पिछले एक साल में पूर्ण आयोग द्वारा लिए गए फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं।
SIR के फैसलों पर कांग्रेस के दावे को बताया गलत
आदित्य साहू ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी की 26 सितंबर को बैठक हुई थी। उनके अनुसार, इसके बाद जारी संयुक्त बयान में SIR सहित प्रमुख फैसलों पर आयोग की पूर्ण सहमति की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 के मूल आदेश और अलग-अलग राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के लिए जारी समय-सारणी को लेकर भी आयोग की ओर से सर्वसम्मति का दावा किया गया है। आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तथा 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की समय-सारणी को लेकर भी यही स्थिति स्पष्ट की है।
आदित्य साहू ने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत विषय या SIR से जुड़ा नहीं था। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रकाशित रिपोर्ट को भी खारिज किया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया जिक्र
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने SIR को लेकर 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी उल्लेख किया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में चुनाव आयोग की ओर से बिहार में SIR शुरू करने के अधिकार और प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर विचार किया था। अदालत ने SIR को वैध उद्देश्य से जुड़ा माना और प्रक्रिया को अनुपातहीन नहीं माना, साथ ही पात्र मतदाताओं के हितों की सुरक्षा के लिए प्रक्रियात्मक उपायों का उल्लेख किया।
आदित्य साहू ने कहा कि विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की।
हर पात्र नागरिक को मताधिकार देने की बात
आदित्य साहू ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य हर पात्र नागरिक को मताधिकार दिलाना है। उन्होंने रैन बसेरों, मजदूरों और बेघरों के लिए विशेष कैंप तथा घर-घर जाकर बीएलओ द्वारा फॉर्म जमा करने जैसी गतिविधियों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पहले भी EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के ताजा बयान के बाद विपक्ष के आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है।
Form-6 को लेकर भी साधा निशाना
आदित्य साहू ने SIR के दौरान Form-6 को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिज किया। चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि Form-6 में बदलाव किए जाने का दावा सही नहीं है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, SIR के लिए Form-6 के साथ अलग घोषणा-पत्र की व्यवस्था की गई थी और यह Form-6 में संशोधन से अलग प्रक्रिया है।
आदित्य साहू ने कहा कि SIR के लिए Form-6 से जुड़े घोषणा-पत्र को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया गया है। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे को लेकर लोगों में भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी के पुराने बयानों का भी किया जिक्र
प्रेसवार्ता के दौरान आदित्य साहू ने राहुल गांधी के EVM, चुनाव आयोग, राफेल, बालाकोट एयर स्ट्राइक और तवांग से जुड़े पुराने बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी लगातार संवैधानिक संस्थाओं और सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते रहे हैं।
हालांकि, प्रेसवार्ता में राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आदित्य साहू ने अपने संबोधन में राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की।
प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह, राफिया नाज, मीडिया सह प्रभारी सतीश सिन्हा और नीरज सिंह भी मौजूद रहे।




