कोलकाता में तीन मंजिला वेयर हाउस ढांचा गिरने से निरसा के एक मजदूर की मौत, गांव में मातम

धनबाद: कोलकाता में निर्माणाधीन तीन मंजिला वेयरहाउस का ढांचा गिरने से धनबाद के निरसा निवासी एक मजदूर की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

धनबाद : दक्षिण पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में ब्रेस पुल के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर बुधवार की दोपहर निर्माणाधीन निजी तीन मंजिला वेयर हाउस गोदाम की छत और कंक्रीट ढांचा गिर जाने के कारण बड़ी दुर्घटना घटी थी। इस दुर्घटना में निरसा पुलिस अनुमंडल क्षेत्र के कालूबथान ओपी क्षेत्र के सालूकचापड़ा गांव निवासी गणेश कालिंदी (45) की मौत मलबे में दबने से हो गई। मृतक के पिता कालीपद कालिंदी प्राथमिक विद्यालय के सेवानिवृत शिक्षक हैं।

हादसे में 11 की मौत 22 गंभीर रूप से घायल

मृतक के घर में पत्नी लखी कालिंदी, बड़ी विवाहिता पुत्री निकिता कालिंदी, दूसरे नंबर पर मोमिता कालिंदी जो बलियापुर बीबीएम कॉलेज की छात्रा है, छोटी पुत्री रितिका कालिंदी की उम्र बारह वर्ष एवं एक पुत्र जगरनाथ कालिंदी चार वर्ष का है। घटना की जानकारी केवल बड़ी पुत्री को दी गई है। गणेश वहां करीब 15 दिन पहले देहाड़ी मजदूरी करने के लिए गए हुए थे। मृतक अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। इस दर्दनाक हादसा में कुल 11 मजदूरों की मौत हो गई और करीब 22 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

काफी मशक्कत के बाद घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया था। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और केएमसी अधिकारियों के अनुसार गोदाम दोषपूर्ण नक्शा और निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल के कारण यह हादसा हुआ है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता नगर निगम के इंजीनियरों के मुताबिक गोदाम की भवन योजना पूरी तरह त्रुटि पूर्ण थी। जांच के आदेश दिए गए हैं। इस हादसे को लेकर लोगों का यह कहना था कि मलबे के नीचे फंसे एक मजदूर को ढूंढने में स्थानीय युवक ने अहम भूमिका निभाई।

कंक्रीट के नीचे दबे होने के कारण और वह दर्द से कहराते हुए रेस्क्यू टीम से बार-बार गुहार लगा रहा था। देर रात तक उसका शव गांव पहुंचने की संभावना है।

निरसा विधायक ने पश्चिम बंगाल के मंत्री से की बात

इधर घटना की सूचना पर निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने पश्चिम बंगाल की विधायक एवं मंत्री अग्निमित्रा पाल से मोबाइल पर बात की। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजन काफी गरीब हैं। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। अग्निमित्रा पाल ने उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया है।

आने वाला था घर, नियति को था कुछ और मंजूर

मृतक गणेश का बुधवार की सुबह करीब 10 बजे अपनी दूसरे नंबर की पुत्री मौमिता के साथ मोबाइल पर बात हुई थी। उसने कहा था कि शाम को वह ट्रेन पकड़कर अपने घर आने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.