रांची : राणी सती मंदिर लेन स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर (श्री तिरुपति बालाजी) में शनिवार को 951वें खिचड़ी भंडारे का आयोजन किया गया। आश्विन कृष्णपक्ष की सप्तमी युक्ता अष्टमी तिथि, चन्द्रोदय ग्राह्य महालक्ष्मी पूजन व्रत-अनुष्ठान के समापन के अवसर पर आयोजित भंडारे में 1212 लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पूरे मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
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वैदिक अनुष्ठानों के साथ हुई पूजा-अर्चना
कार्यक्रम की शुरुआत उषःकाल के धार्मिक वैदिक अनुष्ठानों से हुई। भगवान श्रीमन्नारायण का विधि-विधान पूर्वक तिरुवाराधनम् संपन्न कराया गया। इस दौरान वेद और उपनिषदों की ऋचाओं एवं मंत्रों के प्रयोग के साथ विभिन्न उपचार-प्रत्युपचार से क्रमबद्ध पूजा-अर्चना, महाआरती और अन्य सेवा-उपासना संपन्न की गई। इससे मंदिर परिसर का वातावरण आध्यात्मिक हो गया। भगवान श्रीहरि वेंकटेश्वर दंपति को विधि पूर्वक विभिन्न मुद्राओं, छत्र, चंवर और व्यजन आदि से सेवा अर्पित की गई। घंटा-घड़ियाल के दिव्य निनाद के बीच पवित्र खिचड़ी महाप्रसाद का नैवेद्य कराया गया।
1212 लोगों ने ग्रहण किया महाप्रसाद
प्रातःकालिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। भंडारे में कुल 1212 लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा आयोजन के यजमान रांची निवासी श्री शशि भूषण सिंह और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह रहीं। पूरे अनुष्ठान को अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य और श्री नारायण दास जी ने विधिवत संपन्न कराया। कार्यक्रम में मंदिर संचालन समिति की कार्यकारी अध्यक्ष श्री राम अवतार नारसरिया के साथ सर्वश्री राजेश सुल्तानिया, अभिषेक सिंह, प्रदीप नारसरिया, सुशील लोहिया, रंजन सिंह और ओमप्रकाश गाड़ोदिया आदि की भूमिका रही।





