हजारीबाग: जिले के बरही थाना क्षेत्र स्थित जीटी रोड पर करियातपुर नईटांड़ के पास शनिवार सुबह करीब पांच बजे पुलिस की गश्ती टीम ने एक साथ कतार में गुजर रहे 21 ट्रकों को रोककर जांच शुरू की। सभी वाहनों पर ‘एनीमल कैरियर’ के बैनर लगे थे और इनमें गोवंशीय व अन्य मवेशी लदे पाए गए। एक साथ इतने पशु लदे ट्रकों के काफिले को रोके जाने की खबर के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरही पुलिस ने बरकट्ठा पुलिस के सहयोग से सभी पशुओं को फिलहाल घंगरी में उतरवा दिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मवेशियों के चारे और देखभाल में किसी तरह की परेशानी न हो।
पुलिस और पशुपालन विभाग कर रहा जांच
पुलिस और पशुपालन विभाग की टीम सभी वाहनों के कागजात और पशु परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या पशु दुधारू हैं और उन्हें डेयरी या खटाल के लिए ले जाया जा रहा था अथवा परिवहन नियमों का उल्लंघन हुआ है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला अवैध पशु तस्करी से जुड़ा तो नहीं है। पशुओं के स्वास्थ्य और उनकी श्रेणी की पुष्टि के लिए बरही पशुपालन विभाग के कर्मियों को भी मौके पर बुलाया गया है।
पशु मालिकों ने वैध खरीद का किया दावा
दूसरी ओर, पशु मालिकों का कहना है कि उन्होंने सभी पशुओं को बिहार के काराकाट मवेशी मेले से वैध तरीके से खरीदा था और उन्हें बंगाल के अलग-अलग खटालों में ले जाया जा रहा था। पशु मालिकों के मुताबिक, 20 ट्रकों में भैंस और उनके बच्चे हैं, जबकि एक ट्रक में गाय और बछड़े लदे हुए हैं। उनका दावा है कि उनके पास मवेशी मेले की रसीद, टैक्स भुगतान और परिवहन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। पशु मालिकों के साथ एक कार में महिला अधिवक्ता भी चल रही हैं। बताया गया कि वह पुलिस के समक्ष संबंधित कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत कर रही हैं। हालांकि, पशु मालिकों ने मीडिया के सामने किसी तरह का बयान देने से इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस और पशुपालन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सभी वाहनों और उनमें लदे पशुओं का परिवहन नियमों के अनुरूप था या नहीं।




