सरायकेला-खरसावां : कोल्हान में लगातार हो रही बारिश के बीच चांडिल डैम का जलस्तर 181 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद डैम के 13 रेडियल गेट खोल दिए गए हैं और इनके जरिए बड़ी मात्रा में पानी स्वर्णरेखा नदी की ओर छोड़ा जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चांडिल डैम से कुल करीब 1,594 क्यूमेक्स पानी की निकासी हो रही है। रेडियल गेट के अलावा नदी स्लुइस और आपातकालीन स्लुइस के जरिए भी पानी छोड़ा जा रहा है।
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लगातार बारिश से बढ़ी पानी की आवक
सरायकेला-खरसावां समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र में पिछले कई घंटों से बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण डैम में पानी की आवक बढ़ी है और जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए डैम प्रबंधन ने अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की है। चांडिल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद इसका असर आगे स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
जमशेदपुर के निचले इलाकों पर भी नजर
चांडिल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद जमशेदपुर और आसपास के नदी किनारे के इलाकों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश के कारण पहले से ही कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है। वहीं, खरकाई नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। आदित्यपुर और आसपास के निचले इलाकों में नदी का जलस्तर बढ़ने को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।
नदी किनारे रहने वालों से सावधानी की अपील
चांडिल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद आने वाले घंटों में स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों को नदी के किनारे जाने और बढ़े हुए पानी में प्रवेश करने से बचने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन और संबंधित विभाग डैम तथा नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बारिश और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए आगे पानी की निकासी में बदलाव भी किया जा सकता है।








