झुमरीतिलैया : श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर जी परिसर में नव निर्मित मंदिर की नौ वेदियों का शिलान्यास कार्यक्रम भक्तिभाव के साथ शुरू हुआ। मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनिराज के मंगल आशीर्वाद और सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण और भव्य घट यात्रा के साथ हुआ। छत्तीसगढ़ के जशपुर से आए विशिष्ट अतिथि विनोद जैन बड़जात्या ने ध्वजारोहण किया।
मंदिर निर्माण कमेटी ने किया अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम के दौरान मंदिर निर्माण कमेटी के सुरेश जैन झांझरी, सुशील जैन छाबड़ा, सह मंत्री नरेंद्र जैन झांझरी, सह मंत्री राज जैन छाबड़ा, सुरेंद्र जैन काला, सरोज जैन और सुनील जैन सेठी ने अतिथियों का स्वागत किया। इससे पूर्व, प्रातःकाल श्री 1008 शांतिनाथ भगवान का मंगल विहार कराकर उन्हें जैन पंडाल में विराजमान किया गया, जहाँ प्रदीप-पीयूष, राहुल जैन छाबड़ा, संजय, अजय जैन बड़जात्या और धनबाद के पीयूष जैन गंगवाल ने शांतिधारा की।
घट यात्रा और धार्मिक अनुष्ठान
16 दिवसीय शांति विधान का समापन पूजन और हवन के साथ हुआ। साथ ही श्री 1008 श्रेयांश नाथ भगवान का पूजन कर मीरा, प्रियंका और आर्ची जैन छाबड़ा परिवार द्वारा निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। पूजन के बाद नगर भ्रमण करते हुए भव्य घट यात्रा निकाली गई, जो नव निर्मित मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यहाँ महिलाओं ने कलश के जल से भूमि शुद्धि की और मांगलिक क्रियाएं पूरी कीं।
मुनि श्री के प्रवचन और 101 जोड़ों का पड़गाहन
मुनि श्री सुयश सागर जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि नव निर्मित मंदिर का उद्घाटन अत्यंत पुण्यात्मा जीवों द्वारा ही संभव होता है। रक्षाबंधन महापर्व के अवसर पर विरागोदय वर्षायोग समिति के तत्वावधान में 101 जोड़ों द्वारा मुनिराज के आहार की पड़गाहन व्यवस्था की गई, जिसमें प्रथम सौभाग्य रौनक-आशिका जैन कासलीवाल को प्राप्त हुआ। संध्या के समय भव्य आरती, णमोकार चालीसा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का निर्देशन स्थानीय पंडित अभिषेक जैन शास्त्री और बाहर से आए संजय भैया द्वारा किया गया।




