गिरिडीह : शुक्रवार शाम CM हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुंचे छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद मामला राजनीतिक हो गया है। शनिवार को नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह परिसदन भवन में पत्रकार वार्ता कर घटना की निंदा की। उन्होंने सरकार पर छात्रों और नौजवानों की आवाज दबाने के लिए दमन की नीति अपनाने का आरोप लगाया। बाबूलाल मरांडी ने घटना को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ सड़क से लेकर सदन तक खड़ी है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश का विरोध करेगी।
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छात्रों के साथ सड़क से सदन तक खड़ी रहेगी भाजपा
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की जितनी कोशिश करेगी, आंदोलन उतना ही तेज होगा। उन्होंने हजारीबाग, रांची और गिरिडीह में छात्रों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आने की बात कही। गिरिडीह की घटना का जिक्र करते हुए मरांडी ने आरोप लगाया कि छात्र CM का पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान झामुमो कार्यकर्ता वहां पहुंचे और पुतला छीन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर डंडे से पीटा गया। बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि मारपीट में कई छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर चोट लगने के बाद एक छात्र को ICU में भर्ती कराया गया है। मरांडी के मुताबिक, वह स्वयं घायल छात्र से मिलने अस्पताल गए थे। उन्होंने पूरी घटना को पूर्व नियोजित बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने पहले ही प्रेस वार्ता कर 21 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में CM का पुतला दहन करने की जानकारी दी थी। ऐसे में झामुमो कार्यकर्ताओं के मौके पर पहुंचने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।
सोशल मीडिया संदेश की जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने पत्रकार वार्ता में एक कथित सोशल मीडिया संदेश का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि झामुमो कार्यकर्ता मो. इमरान अजीज खान के सोशल मीडिया हैंडल से कार्यकर्ताओं को शुक्रवार शाम चार बजे तक पार्टी कार्यालय पहुंचने का संदेश दिया गया था। मरांडी ने इस कथित संदेश की जांच कराने और इसकी सत्यता सामने लाने की मांग की। भाजपा नेता ने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो में मारपीट करने वाले लोगों की पहचान की जा सकती है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार का काम राज्य में अमन-चैन कायम करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डंडे के बल पर शांति स्थापित करने की कोशिश की गई तो इसकी कीमत सरकार को चुकानी पड़ेगी। उन्होंने रांची में एक छात्रा के साथ कथित मारपीट का भी जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। मरांडी ने कहा कि छात्रों और नौजवानों का आक्रोश बढ़ रहा है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है।




