छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप, संदीप वर्मा ने JPSC पुनर्गठन मांगा

भाजपा प्रवक्ता संदीप वर्मा ने JPSC-JSSC की रद्द परीक्षाओं को लेकर सरकार से पुनर्गठन, परीक्षा कैलेंडर और CBI जांच की मांग की।

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रांची। झारखंड में JPSC-JSSC की परीक्षाओं को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग पर कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका खामियाजा हजारों अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। संदीप वर्मा ने कहा कि शुरुआत में सरकार लगातार यह दावा करती रही कि परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई गई हैं। हालांकि, छात्रों के लगातार आंदोलन और दबाव के बाद JPSC में इस्तीफों और कार्रवाई का दौर शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि विधानसभा घेराव के बाद आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी समेत कई घटनाओं ने सरकार और आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि यदि जांच में परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और नियुक्तियों में भ्रष्टाचार से जुड़े तथ्य सामने आए हैं, तो सरकार ने इन्हें पहले क्यों नहीं उजागर किया। अभ्यर्थियों की ओर से लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद समय रहते नियुक्तियों पर रोक लगाकर निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई गई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC की करीब 22 परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। अब सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन परीक्षाओं का दोबारा आयोजन कब तक होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं रद्द होने से हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार को उनके हित में स्पष्ट समयसीमा के साथ आगे की प्रक्रिया बतानी चाहिए।

संदीप वर्मा ने कहा कि वर्तमान में JPSC पूरी तरह क्रियाशील नहीं है। ऐसी स्थिति में लंबित और रद्द परीक्षाओं का समयबद्ध आयोजन कैसे होगा, यह भी सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए तत्काल JPSC का पुनर्गठन किया जाए और लंबित परीक्षाओं के लिए स्पष्ट परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए। उन्होंने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) में रिक्त पदों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। संदीप वर्मा ने कहा कि JAC में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं। 13 सदस्यों की नियुक्ति नहीं होना और सचिव का पदस्थापन नहीं किया जाना सरकार की कथित उदासीनता को दर्शाता है। इसका सीधा असर राज्य के हजारों विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को छात्रों से जुड़े मामलों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने JPSC-JSSC परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए CBI जांच की अनुशंसा करने की मांग की, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

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