रांची: ‘सशक्त युवा, मजबूत भारत’ अभियान के तहत रांची के बीआईटी मेसरा स्थित जेपी ऑडिटोरियम में युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), रांची की ओर से आयोजित इस विधिक जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान, कानूनी प्रावधानों और उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ भी ली। यह कार्यक्रम झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, झालसा की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना तथा रांची के न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में DLSA ने लाइफ सेवर्स एनजीओ, सीआईडी और एनसीबी रांची के साथ समन्वय किया।
कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, लाइफ सेवर्स एनजीओ के प्रमुख अतुल गेरा, एनसीबी के शारिक उमर, सीआईडी के रिजवान अंसारी सहित पीएलवी गणेश कुमार, रामजीत महतो, आशीष बैठा, किरण कुमारी, शीला तिग्गा, दीपक गंझू और रानी देवी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
नशामुक्त भारत के लिए कानूनी सहायता और पुनर्वास पर जोर
डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि NALSA (डॉन) योजना-2025 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की एक पहल है। इसका उद्देश्य कानूनी सहायता, जन-जागरूकता और पुनर्वास के माध्यम से नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम करना है। उन्होंने छात्रों को ‘सशक्त युवा, मजबूत भारत’ अभियान के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है।
युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से कराया गया अवगत
लाइफ सेवर्स एनजीओ के प्रमुख अतुल गेरा ने कहा कि नशे की मांग को खत्म करने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों, खासकर युवाओं को जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने छात्रों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों का अवैध उत्पादन, खरीद-बिक्री, परिवहन और सेवन कानून के दायरे में आता है। कार्यक्रम के दौरान अतुल गेरा ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई।
NCB और CID अधिकारियों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
एनसीबी के शारिक उमर ने झारखंड में मादक पदार्थों की समस्या से निपटने में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने नशीले पदार्थों के उत्पादन और वितरण पर रोक लगाने तथा संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। सीआईडी के रिजवान अंसारी ने मादक पदार्थों की तस्करी के तौर-तरीकों और इस अपराध में बच्चों व युवाओं के इस्तेमाल के संबंध में छात्रों को जागरूक किया। उन्होंने नशीले पदार्थों की खेती और तस्करी से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं से अपील की गई कि वे नशीले पदार्थों से दूर रहें और यदि उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी या सेवन से संबंधित कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों को दें।








