खनिज विधेयक पर JMM के विरोध को आदित्य साहू ने बताया राजनीतिक ड्रामा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि MMDR विधेयक राज्यों का खनिज राजस्व नहीं छीनेगा, बल्कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा देगा।
आदित्य साहू
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू (फाइल फोटो)

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रांची। MMDR संशोधन विधेयक को लेकर झारखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झामुमो समेत विपक्षी दलों के विरोध को राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए कहा कि विधेयक को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया जा रहा यह संशोधन राज्यों का अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, समानता, निवेश और विकास को गति देने के उद्देश्य से है। आदित्य साहू ने कहा कि झामुमो आंदोलन और आर्थिक नाकेबंदी की धमकी देकर झारखंड में विकास की रफ्तार रोकना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार और झामुमो को विधेयक पर भ्रम फैलाने के बजाय राज्य में अवैध खनन और उससे जुड़े भ्रष्टाचार पर ध्यान देना चाहिए।

खनिज राजस्व को लेकर विपक्ष के आरोप निराधार : साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि MMDR विधेयक से राज्यों का खनिज राजस्व खत्म होने का दावा पूरी तरह निराधार है। उनके मुताबिक रॉयल्टी, डीएमएफ, नीलामी प्रीमियम, एनएमईटी और जीएसटी में राज्यों की हिस्सेदारी बनी रहेगी। खनन क्षेत्र से होने वाले भुगतानों का करीब 90 प्रतिशत राज्यों को मिलता रहेगा। वहीं लघु खनिजों पर राज्यों का नियंत्रण भी पूर्ववत रहेगा। उन्होंने कहा कि बालू, गिट्टी और साधारण मिट्टी जैसे लघु खनिजों पर राज्य की मौजूदा शक्तियों पर इस विधेयक का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

आदिवासी, दलित और पिछड़ों पर असर का बयान भ्रामक

आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें विधेयक का असर आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग पर पड़ने की बात कही गई है। उन्होंने इसे भ्रामक बताते हुए कहा कि भाजपा की प्राथमिकता खनिज संपदा का लाभ खनन प्रभावित क्षेत्रों और गरीब तबके तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि खनन से मिलने वाले राजस्व का पारदर्शी और प्रभावी इस्तेमाल आदिवासी, दलित, गरीब, पिछड़े और विस्थापित परिवारों के विकास के लिए होना चाहिए। साहू ने सारंडा के पिछड़ेपन का हवाला देते हुए राज्य सरकार से खनन प्रभावित इलाकों में किए गए विकास कार्यों का हिसाब देने की मांग की।

खनिज राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ी : भाजपा

आदित्य साहू ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 में कुल खनिज राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में बढ़कर 88 प्रतिशत से अधिक हो गई। उन्होंने दावा किया कि इसी अवधि में राज्यों का खनिज राजस्व करीब 354 प्रतिशत बढ़कर 25,206 करोड़ रुपये से 1,14,549 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार राज्यों का खनिज राजस्व छीनने का काम नहीं कर रही है।

सेस और खनन उत्पादन को लेकर भी सरकार पर निशाना

भाजपा नेता ने झारखंड सरकार पर खनिजों पर अधिक उपकर लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में लौह अयस्क पर 600 रुपये प्रति टन का फ्लैट सेस लगाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह 22.50 रुपये प्रति टन है। उन्होंने कोयले पर भी सेस बढ़ाए जाने का दावा किया। साहू ने कहा कि अधिक कर लगाने से जरूरी नहीं कि राजस्व बढ़े। उनके अनुसार, सेस बढ़ने से वैध खनन और उत्पादन प्रभावित हुआ है, जबकि अवैध खनन करने वाले माफियाओं को इसका फायदा मिला है। उन्होंने बीसीसीएल के उत्पादन में गिरावट का भी उल्लेख किया।

झारखंड में खदानों की नीलामी को लेकर सवाल

आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड के पास देश के करीब 40 प्रतिशत खनिज भंडार होने के बावजूद राज्य अपनी खनिज संपदा का अपेक्षित उपयोग नहीं कर पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में राज्य में केवल चार खदानों की नीलामी हुई और इनमें से कोई भी संचालन में नहीं आ सकी। उन्होंने पड़ोसी राज्य ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 35 खदानें चालू हुईं और करीब 87 हजार करोड़ रुपये का नीलामी प्रीमियम प्राप्त हुआ, जबकि झारखंड को नीलामी प्रीमियम से कोई राशि नहीं मिली।

JMM से DMFT फंड और अवैध खनन पर मांगा जवाब

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने झामुमो सरकार से DMFT फंड के इस्तेमाल का हिसाब देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बालू और पत्थर खदानों की नीलामी नहीं होने से लगातार खनन राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि झामुमो को केंद्र पर आरोप लगाने और आंदोलन की बात करने के बजाय राज्य में वर्षों से जारी अवैध खनन, खनिजों की लूट और राजस्व नुकसान पर अपनी सरकार की कार्रवाई के बारे में जनता को जवाब देना चाहिए। आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार राज्य की जनता के विकास का है, न कि खनन माफिया और अवैध कारोबार करने वालों का। उन्होंने कहा कि भाजपा MMDR विधेयक के तथ्यों को जनता के सामने रखेगी और झामुमो के आरोपों का राजनीतिक और तथ्यात्मक जवाब देगी।

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