नई दिल्ली: आधार ऐप के डाउनलोड की संख्या 5 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक, यह उपलब्धि लोगों के बीच आधार से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल और सुविधाजनक तरीके से इस्तेमाल करने के बढ़ते रुझान को दर्शाती है। मंत्रालय ने कहा कि आधार ऐप नागरिकों और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के बीच एक डिजिटल माध्यम के रूप में काम कर रहा है। इसके जरिए आधार नंबर धारक अपने स्मार्टफोन से कई जरूरी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
मोबाइल से मिल रहीं कई आधार सेवाएं
आधार ऐप के जरिए मोबाइल नंबर, पता और ईमेल अपडेट करने के साथ बायोमेट्रिक लॉक या अनलॉक और ई-आधार डाउनलोड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मंत्रालय के अनुसार, अब तक 60 लाख से अधिक लोगों ने ऐप के जरिए अपना मोबाइल नंबर अपडेट किया है। वहीं, 15 लाख से अधिक पता अपडेट और 23 लाख से ज्यादा ईमेल अपडेट भी इसी माध्यम से किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन सेवाओं का बढ़ता इस्तेमाल यह संकेत देता है कि लोग आधार केंद्र जाने के बजाय डिजिटल माध्यम से सेवाएं लेना पसंद कर रहे हैं।
‘शो, शेयर और वेरिफाई’ के सिद्धांत पर तैयार ऐप
आधार ऐप को ‘शो, शेयर और वेरिफाई’ के सिद्धांत पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य आधार धारकों को अपनी पहचान संबंधी जानकारी के इस्तेमाल पर अधिक नियंत्रण देना और आसान पहचान सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराना है। ऐप के विस्तार के साथ UIDAI सुरक्षित और सुविधाजनक ऑफलाइन सत्यापन व्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, जनवरी में इस पहल की शुरुआत के बाद अब तक 200 से अधिक संस्थाओं को ऑफलाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाएं (OVSE) के रूप में जोड़ा जा चुका है।
बिना रियल-टाइम कनेक्टिविटी के सत्यापन
इस व्यवस्था के तहत QR कोड आधारित सत्यापन और सुरक्षित डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे संबंधित संस्थाएं UIDAI के केंद्रीय डेटाबेस से रियल-टाइम कनेक्टिविटी के बिना भी पहचान संबंधी जानकारी सत्यापित कर सकेंगी। व्यवस्था में उपयोगकर्ता की जरूरत और गोपनीयता को प्राथमिकता दी गई है। आधार धारक केवल उतनी ही जानकारी साझा कर सकेंगे, जितनी आवश्यक होगी। इससे सहमति-आधारित और कागजरहित सत्यापन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने कहा कि ये पहल सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन के अनुरूप हैं। इसका व्यापक उद्देश्य सुरक्षित, सुलभ और तकनीक आधारित सार्वजनिक सेवाओं के जरिए लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को आसान बनाना है।




