नई दिल्ली : कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में करीब चार घंटे तक चली। इस उच्चस्तरीय बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और चार कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कुल 88 नेताओं ने हिस्सा लिया। इनमें से 33 वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में अपने विचार रखे। बैठक के समापन के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैठक में हुई चर्चा और पार्टी की आगामी रणनीतियों की जानकारी साझा की।
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800 शहरों में चलेगा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
कांग्रेस ने छात्रों और युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाने के लिए देशभर के करीब 800 छोटे-बड़े शहरों में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाने का बड़ा फैसला लिया है। पार्टी के अनुसार, राहुल गांधी भी इस अभियान के तहत विभिन्न शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस अभियान के जरिए कांग्रेस मुख्य रूप से पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर लाएगी।
चारों मुख्यमंत्रियों को शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने-अपने राज्यों की शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इसमें परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने और पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर विशेष जोर देने को कहा गया है। मुख्यमंत्रियों को जरूरी सुधारों की रूपरेखा तैयार कर एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर देशभर में प्रदर्शन
CWC बैठक में राम मंदिर चंदे में कथित हेरफेर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर जमीनी स्तर पर उतरने और विभिन्न राज्यों में व्यापक प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस विषय को देश के जन-जन तक लेकर जाएगी।
खरगे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण पर माफी की मांग
बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर शुद्धिकरण के नाम पर किए गए कृत्य पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करें और इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
वंदे मातरम् पर 1937 के ऐतिहासिक प्रस्ताव का पालन करेगी कांग्रेस
कार्यसमिति में वंदे मातरम् को लेकर चल रहे विवाद पर भी विस्तार से मंथन हुआ। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि उसके सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के प्रथम दो अंतरे ही गाए जाएंगे। महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 1937 में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, रवींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस की सहमति से जो ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित हुआ था, पार्टी आज भी उसी का पूरी निष्ठा से पालन करेगी। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम् कांग्रेस के लिए भावनात्मक जुड़ाव का विषय है, जबकि भाजपा के लिए यह महज एक राजनीतिक मुद्दा है।
चीन के मुद्दे और विदेश नीति पर केंद्र सरकार पर निशाना
CWC बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने अरुणाचल प्रदेश में चीन के कथित अतिक्रमण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के इस गंभीर विषय पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत की वर्तमान विदेश नीति अब एक तरह से ‘सरेंडर नीति’ बनकर रह गई है, जहां राष्ट्रीय हितों पर सरकार की खामोशी खतरनाक है।
परिसीमन पर चर्चा और तमिलनाडु के प्रस्ताव की सराहना
बैठक में आगामी परिसीमन के मुद्दे पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया। कांग्रेस ने लोकसभा में कुल 543 सीटों की सीमा को बनाए रखने संबंधी तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव की सराहना की। इसके साथ ही पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के भीतर ही महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
संगठन सृजन अभियान में 6.44 लाख से अधिक बूथ एजेंट
कांग्रेस ने बैठक में अपने ‘संगठन सृजन अभियान’ की प्रगति के आंकड़े भी प्रस्तुत किए। पार्टी के अनुसार, देशभर में अब तक 6 लाख 44 हजार से अधिक बूथों पर बूथ एजेंट तैनात किए जा चुके हैं। निचले स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक करीब 15 लाख 58 हजार से अधिक पदाधिकारी व कार्यकर्ता संगठनात्मक ढांचे में सक्रिय हैं। पार्टी ने दावा किया कि संगठन सृजन का यह कार्य 31 अक्टूबर से पहले पूरा कर लिया जाएगा।




