मत्स्य संपदा का बीमा मत्स्य कृषकों के लिए सशक्त आर्थिक कवच : नयनतारा केरकेट्टा 
रांची। झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के अंतर्गत मत्स्य निदेशालय द्वारा मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र, शालीमार, धुर्वा, रांची में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के अन्तर्गत दो दिवसीय  कार्यक्रम “एक्वाकल्चर बीमा योजना जागरूकता” का समापन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्यों एवं मत्स्य विभाग की योजनाओं से जुड़े लाभुकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नयनतारा केरकेट्टा, (भाप्रसे) निदेशक प्रशासन, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड ,रांची ने मत्स्य कृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान सह समृद्धि सह योजना व एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण एवं जलीय कृषि बीमा की जानकारी मत्स्य कृषकों को होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मत्स्य संपदा का बीमा मत्स्य कृषकों के लिए एक सशक्त आर्थिक कवच है। राजीव रंजन तिवारी, उप सचिव, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने मत्स्य कृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि मत्स्य कृषकों को मत्स्य पालन में नुकसान नही हो इसके लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार के द्वारा मत्स्य संपदा के लिए बीमा योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा मत्स्य कृषकों के बीमा पॉलिसी से जुड़ने पर उनकी आर्थिक सुरक्षा बनी रहेगी।
अमरेन्द कुमार, निदेशक मत्स्य, झारखंड रांची ने कहा कि बीमा संबंधी जानकारी मत्स्य कृषकों को होना आवश्यक है तभी किसान इससे लाभान्वित हो सकते है उन्होंने मत्स्य कृषकों से अधिक-अधिक संख्या में एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराने एवं बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शम्भु प्रसाद यादव, उप मत्स्य निदेशक, (जलाशय) ने कहा कि मत्स्य बीमा से संबंधित जानकारी मत्स्य कृषकों तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक एवं जागरूकता के माध्यम से ही अधिक से अधिक किसान बीमा योजना का लाभ उठा सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों से आए मत्स्य कृषकों की बीमा योजना से संबंधित जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान किया गया। कृषकों ने अपने अनुभव भी साझा किए तथा बीमा योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की।
कार्यक्रम में एनएफडीबी, हैदराबाद के सीनियर इंश्योरेंस विशेषज्ञ अमर कुमार नायक, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी रांची की आशा प्रसाद, (क्षेत्रीय प्रबंधक) एवं  मनीषा टोप्पो, (उप प्रबंधक) सहित अन्य विशेषज्ञों ने मत्स्य कृषकों को जलीय कृषि बीमा योजना, बीमा प्रक्रिया एवं इसके लाभों से अवगत कराया। साथ ही विवेकानन्द पांडेय सीएससी एवं उनकी टीम द्वारा मत्स्य कृषकों को एनएफडीपी में पंजीकरण की प्रक्रिया बतलाई गई एवं कार्यक्रमे में भाग लेने वाले मत्स्य कृषकों का पंजीकरण भी कराया गया। साथ ही  राकेश कुमार, एमडी सिडकोफेड द्वारा सहकारिता विभाग की योजनाओं के बारे में मत्स्य कृषकों को जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में नयनतारा केरकेट्टा, (भाप्रसे) निदेशक प्रशासन, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, रांची, राजीव रंजन तिवारी, उप सचिव, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, अमरेन्द्र कुमार, निदेशक मत्स्य, झारखंड रांची, संजय गुप्ता संयुक्त मत्स्य निदेशक, शम्भु प्रसाद यादव उप मत्स्य निदेशक (जलाशय), अमर कुमार नायक, बीमा विशेषज्ञ, राकेश कुमार, एमडी,सिडकोफेड, रांची की  आशा प्रसाद, (क्षेत्रीय प्रबंधक) एवं  मनीषा टोप्पो, (उप प्रबंधक), विवेकानन्द पांडेय सीएससी, जयंत रंजन, मुख्य अनुदेशक, मत्स्य निदेशालय एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।