देवरिया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर शुक्रवार को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर “दूध का दूध और पानी का पानी” किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई शुरू हो चुकी है और पहली एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।
देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि वह रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ न करे। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।
एसआईटी जांच के आधार पर शुरू हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज हो चुकी है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में बिना तथ्यों के आरोप लगाकर जनभावनाओं को आहत करना उचित नहीं है। सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है, लेकिन आरोप भी तथ्यों के आधार पर ही लगाए जाने चाहिए।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज जो लोग अयोध्या और भगवान श्रीराम के नाम पर सवाल उठा रहे हैं, वही पहले भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़े करते थे और राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग “जय श्रीराम” के उद्घोष पर कार्रवाई करते थे और रामनवमी सहित अन्य धार्मिक आयोजनों में व्यवधान पैदा करते थे, जबकि आज वही आस्था की बात कर रहे हैं।
दिल्ली सरकार के कार्यकाल पर भी टिप्पणी
बिना किसी का नाम लिए मुख्यमंत्री ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दिल्ली से एक नेता अयोध्या आए हैं, जिन्हें राजधानी की जनता ने वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन उन्होंने दिल्ली को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि दिल्ली में भी उसी तरह विकास कार्य किए गए होते, जैसे डबल इंजन की भाजपा सरकार ने अयोध्या में कराए हैं, तो राजधानी भी आज विकास की नई पहचान बन चुकी होती।
उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



