नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया में बताया कि भारत में बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 23,731 करोड़ रुपये के बजट वाली ‘गोबरधन योजना’ को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह योजना वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी। इसका मुख्य लक्ष्य कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) को देश के ऊर्जा तंत्र का मजबूत आधार बनाना है। इसके तहत कृषि अवशेष (पराली), पशुओं के गोबर, गन्ने की मैला (प्रेस मड) और शहरी गीले कचरे को स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद में परिवर्तित किया जाएगा। इससे ग्रामीण आय बढ़ाने और प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी।
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गुवाहाटी-तेजपुर NH-15 फोर-लेन कॉरिडोर स्वीकृत
कैबिनेट ने पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 8,970.20 करोड़ रुपये की लागत से 135.871 किमी लंबे गुवाहाटी-तेजपुर NH-15 कॉरिडोर के विकास को भी हरी झंडी दी है। यह फोर-लेन एक्सेस-कंट्रोल हाईवे होगा, जिसे ‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) टोल मोड पर तैयार किया जाएगा। इस परियोजना से असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। साथ ही, ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिण में स्थित वर्तमान NH-27 पर यातायात का दबाव कम होगा।
इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी और एलीफेंट अंडरपास
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत तेजपुर बाईपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) बनाई जाएगी, जिसे भारतीय वायुसेना (IAF) के समन्वय से विकसित किया जा रहा है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे बैहाता चारियाली, सिपाझार, खरुपेटिया, ढेकियाजुली और तेजपुर में यातायात सुचारू करने के लिए 5 बड़े बाईपास बनेंगे। सुरक्षा और संरचनात्मक ढांचे के लिए 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर, 46 अंडरपास और तेजपुर बाईपास पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 1 एलीफेंट अंडरपास का निर्माण किया जाएगा।



