रांची। झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य राज्यसभा चुनाव को लेकर अपने पहले दिए गए बयान से पीछे हटते नजर आए। एक दिन पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ उन 50 विधायकों के नेता हैं, जिन्होंने झामुमो और कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था।
मंगलवार को उन्होंने अपने बयान में कहा कि हेमंत सोरेन प्रत्यक्ष तौर पर पूरे 56 विधायकों और अप्रत्यक्ष तौर पर चार यानी कुल 60 विधायकों के नेता हैं। उन्होंने कहा कि वोट अलग है और सदन अलग है। उन्होंने वोट के संदर्भ में कहा था, जबकि सदन में हेमंत सोरेन 60 विधायकों के नेता हैं। बाबूलाल मरांडी सदन में 21 विधायकों के नेता हैं।
सुप्रियो ने कहा कि झामुमो के 34 विधायक हैं। चुनाव से पूर्व तय हुआ था कि इनमें 30 विधायक झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को देंगे, जबकि चार विधायक कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को वोट देंगे। कांग्रेस के 16 विधायकों एवं झामुमो के चार विधायकों के मत से आंकड़ा 20 पहुंचा। हमने इस तरीके से ही कहा था कि 50 विधायकों के नेता हेमंत सोरेन हैं। मगर मीडिया में उसे दूसरे तरीके से प्रस्तुत किया गया।
पप्पू यादव सबुत लेकर न्याय तक जाएं
झामुमो महासचिव ने पप्पू यादव द्वारा राज्यसभा चुनाव में हार्स ट्रेडिंग पर लगाए गए आरोपों पर कहा कि पता नहीं पप्पू यादव कहां से खोजी पत्रकारिता की। अगर उनके पास पुख्ता सबूत हैं, तो इसे संज्ञान लेना चाहिए। ईडी को इस पर सफाई देनी चाहिए, क्योंकि आरोप इसी पर है। उन्होंने यह भी कहा कि पप्पू यादव को सच्चाई पता है तो उन्हें प्रेस कान्फ्रेंस करने की बजाए न्याय के द्वार तक पहुंचना चाहिए। वहां दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
ट्रेजरी घोटाला के तार रघुवर सरकार से
ट्रेजरी घोटाले पर सुप्रियो ने कहा कि ट्रेजरी घोटाला का तार रघुवर सरकार से जुड़ा है। लंबे समय का इतना बड़ा घोटाला है तो उसमें जांच में समय लगेगा ही। सीआइडी इसकी जांच कर रहा है। हमलोगों को थोड़ा इंतजार करना होगा।




