नई दिल्ली : संसद परिसर में शुक्रवार को विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन का अलग नजारा देखने को मिला। केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरने के लिए विपक्षी सांसदों ने नुक्कड़ नाटक का सहारा लिया, जिसमें राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी का मुद्दा प्रमुख रहा। इस प्रदर्शन को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताई और कहा कि इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने अमित शाह से संसद की कार्यवाही में शामिल होने और विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ हालिया पुलिस कार्रवाई पर जवाब देने की मांग भी उठाई। प्रदर्शन के दौरान संसद परिसर में “चंदा चोर, गद्दी छोड़”, “जवाब तुमको देना होगा” और “अमित शाह, सदन में आओ” जैसे नारे लगाए गए।
#WATCH | Delhi | Monsoon Session of the Parliament | Opposition MPs stage a protest over the issue of alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement pic.twitter.com/W3netnDNPI
— ANI (@ANI) July 31, 2026
पप्पू यादव ने पुजारी बनकर किया सांकेतिक प्रदर्शन
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर प्रदर्शन में पहुंचे और मंदिर के पुजारी का रूप धारण किया। उनके हाथ में अयोध्या के भगवान राम की तस्वीर थी। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के आरोपों को सांकेतिक रूप से उठाया। नाटक में विपक्षी सांसदों ने भक्तों की भूमिका निभाई और चंदा देने के लिए आगे आए। इस दौरान एक नाटकीय मोड़ तब आया, जब पुजारी की भूमिका निभा रहे पप्पू यादव ने चंदा बॉक्स में पैसे डालने के बजाय उन्हें अपनी जेब में रखने का अभिनय किया।
इस पर भक्त की भूमिका निभा रहे एक एसपी सांसद ने उन्हें रोकते हुए सवाल किया। हालांकि, पुजारी की भूमिका निभा रहे पप्पू यादव ने नाटक के दौरान किसी भी गलत काम से इनकार किया और कहा कि कोई दान चोरी नहीं हुआ है। इसके बाद उन्होंने नाराज भक्तों की भीड़ से नाटकीय अंदाज में निकलने की कोशिश की। इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने व्यंग्य और प्रतीकों का इस्तेमाल करते हुए राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी के आरोपों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
राम मंदिर दान मामले में SIT जांच जारी
विपक्ष राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी का मुद्दा लगातार उठाता रहा है और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांग रहा है। इससे पहले 27 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अदालत के पिछले निर्देशों के अनुपालन में अयोध्या के राम मंदिर में दिए गए दान में कथित हेराफेरी की जांच के लिए एक नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। इस SIT की अध्यक्षता इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) किरण एस कर रहे हैं। सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया (SGI) तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जांच टीम में एक डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG), एक सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) और एक एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) भी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दी गई जानकारी पर गौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने SIT को दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने जांच में एक फोरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने का भी निर्देश दिया। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत के इस सुझाव को स्वीकार कर लिया। यह जांच ट्रस्ट के फंड में संभावित हेराफेरी के आरोपों से जुड़ी है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
अदालत ने कहा कि जांच पहले ही शुरू हो चुकी है और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए फोरेंसिक ऑडिटर को जांच से जोड़ना आवश्यक है। इस बीच, संसद में नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।




