रांची: सर्व सेवा समिति संस्था 4S इंडिया, टाटा ट्रस्ट, गैमन कॉमन ग्राउंड और FES के संयुक्त तत्वावधान में PVTG पहाड़िया समुदाय के समग्र विकास पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ सोमवार को चाणक्य BNR, रांची में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत पाकुड़ जिले से आईं पहाड़िया समुदाय की महिलाओं ने अपने पारंपरिक गीत और नृत्य से की। ढोल-नगाड़े की थाप पर पहाड़िया महिलाओं ने अपनी संस्कृति, जीवनशैली और संघर्षों को मंच के माध्यम से जीवंत रूप से प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
नीतियां तो बहुत बनीं, पर बदलाव जमीनी स्तर पर नहीं दिखा
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सर्व सेवा समिति 4S इंडिया के निदेशक वीर सहाना और निदेशक मिहिर सहाना ने कहा कि सरकार और विभिन्न संस्थाएं पहाड़िया समुदाय के विकास के लिए दशकों से काम कर रही हैं। आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका पर कई योजनाएं भी चल रही हैं, लेकिन आज भी पहाड़िया समुदाय के जीवन में अपेक्षित बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है।
सहाना ने कहा”जब तक समुदाय खुद अपनी योजना और नेतृत्व नहीं करेगा, तब तक विकास सतत नहीं हो सकता। इसीलिए इस मंथन का मकसद PVTG को नीति-निर्माण की टेबल पर लाना है।”_
4 राज्यों के 150 प्रतिनिधि हुए शामिल
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित 4 राज्यों की 20 से अधिक संस्थाओं और पहाड़िया समुदाय के कुल 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें समुदाय के युवा, महिला स्वयं सहायता समूह की दीदियां, पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में PVTG पहाड़िया समुदाय से जुड़ी जमीन, जंगल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन और आजीविका जैसी ज्वलंत समस्याओं पर खुली चर्चा होगी। साथ ही समुदाय के साथ मिलकर अगले 5 वर्षों के लिए एक ठोस विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा।
सम्मेलन के 4 मुख्य फोकस क्षेत्र
- PVTG अधिकारों का सशक्तिकरण: वन अधिकार कानून, पेसा कानून और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर समुदाय को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना।
- कुशल नेतृत्व का विकास: समुदाय के युवाओं और महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार करना ताकि वे खुद अपने विकास की अगुवाई कर सकें।
- सतत आजीविका के अवसर: लघु वनोपज, कृषि, पशुपालन और हस्तशिल्प आधारित आजीविका मॉडल को बढ़ावा देना। 4S इंडिया के AROHI और मशरूम जैसे मॉडल को अन्य क्षेत्रों में विस्तार देने पर चर्चा।
- समुदाय के भविष्य की योजना: शिक्षा और पोषण में सुधार लाकर अगली पीढ़ी को मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीति बनाना।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन से निकले सुझावों और सिफारिशों को एक दस्तावेज के रूप में सरकार और संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, ताकि नीतियों में जमीनी बदलाव लाया जा सके।
सम्मेलन में मौजूद पहाड़िया समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने मुद्दे रखने के लिए इतना बड़ा मंच मिला है। उन्हें उम्मीद है कि इस मंथन से उनके जीवन में वास्तविक बदलाव आएगकार्यक्रम में टाटा ट्रस्ट, FES और गैमन ग्राउंड के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।




