रांची। रांची के ग्रामीण इलाकों जमीन और घर खरीदना महंगा होगा, क्योंकि इनकी कीमत एक अगस्त से बढ़ जायेगी। इस नयी दर पर जिला निबंधक सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने अपनी मुहर लगा दी है। आदेश के अनुसार दर में 10 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की गयी है.यानी ग्रामीण क्षेत्र में भवन, फ्लैट और कच्चा और पक्का मकान खरीदना महंगा हो गया है। नयी दर के लागू होने के बाद गांवों में जमीन या घर की रजिस्ट्री कराने के लिए खरीदारों को अधिक स्टांप शुल्क और कोर्ट फीस देनी होगी। वहीं, कई मौजा में व्यावसायिक दरों में बढ़ोत्तरी नहीं की गयी है। नामकुम क्षेत्र में प्रति डिसमिल 27,000, कांके में 22,000, रातू में 24,000 की कीमतें बढ़ी हैद्ध द
खरीदारों पर बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ
हालांकि, सरकारी कीमत बढ़ने से एक तरफ सरकार का राजस्व तो बढ़ेगा लेकिन दूसरी तरफ खरीदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा. नया वैल्यूएशन लागू होने के बाद रिंग रोड के आसपास और राष्ट्रीय राजमार्गों के अगल-बगल की जमीनों की कीमतें सबसे अधिक बढ़ रही है। ये सभी आरआरडीए क्षेत्र में आते है। इसमें कांके, ओरमांझी, नामकुम, नगड़ी, खिजरी, सिमलिया, झिरी, मेसरा, पिर्रा और अनगड़ा के दर्जनों गांव है।
जमीन और फ्लैट की सरकारी कीमत को बाजार मूल्य के समतुल्य करने के लिए हर दो साल पर दोबारा से मूल्यांकन किया जाता है. ऐसे में एक साल ग्रामीण तो दूसरे साल शहरी क्षेत्र की जमीनों का मूल्यांकन होता है। रांची में इससे पहले वर्ष 2024 में ग्रामीण क्षेत्र की जमीन की कीमतें बढ़ायी गयी थी, इसलिए वर्ष 2026 में नये सिरे से वैल्यूएशन किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में डीलक्स अपार्टमेंट, आरसीसी छत और एस्बेस्टस वाले घरों की सरकारी कीमतों में भी बढ़ोतरी की गयी है।




