रांची : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इसे देशभर के छात्र-युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की ताकत को समझने में विफल रही और अंततः छात्रों की एकजुटता के आगे झुकना पड़ा।
Read More : RTE Admission 2026 : रांची में 25% रिक्त सीटों के लिए दूसरा चरण 27 जुलाई से शुरू
दीपिका पांडेय सिंह ने अपने बयान में कहा कि पेपर लीक मामले के दौरान जब कई युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे थे और आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे थे, तब केंद्र सरकार पूरे मामले को नकारने में लगी रही। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों और युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर सरकार को निर्णय लेने के लिए मजबूर किया।
छात्र आंदोलन को बताया लोकतंत्र की ताकत
मंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि दमन के बल पर किसी भी जन आंदोलन को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। उनके अनुसार, पुलिस की कार्रवाई का सामना करने वाले युवा केवल अपने अधिकारों के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतंत्र की ताकत का उदाहरण है और इससे यह साबित हुआ कि संगठित जन आंदोलन बड़े बदलाव ला सकते हैं।
राहुल गांधी और विपक्ष की भूमिका का किया जिक्र
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य दलों ने इस आंदोलन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है और इसे तानाशाही के खिलाफ मिली एक शुरुआती जीत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र कभी हारता नहीं है और आगे भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।




