गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट पर ED का एक्शन, 1,906 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त

रांची। परिवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट की 1,906 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने ऐसा गेमिंग प्लेटफॉर्म बनाया, जिससे खिलाड़ी बार-बार पैसे लगाकर खेलने के लिए प्रेरित होते थे। ईडी के अनुसार, जब्त की

रांची। परिवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट की 1,906 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने ऐसा गेमिंग प्लेटफॉर्म बनाया, जिससे खिलाड़ी बार-बार पैसे लगाकर खेलने के लिए प्रेरित होते थे।

ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), म्यूचुअल फंड, शेयर, एक फार्महाउस और कंपनी के शेयरधारकों, उनके परिवार के सदस्यों, फैमिली ट्रस्ट और संबंधित कंपनियों के नाम पर मौजूद कई घर और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं।

ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई 22 जुलाई को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई। यह मामला रमीकल्चर, रमीप्राइम, प्लेशिप और रमीटाइम जैसे ऐप्स से जुड़ा है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, गेम्सक्राफ्ट और रमीटाइम टेक्नोलॉजीज इन ऐप्स के जरिए रियल मनी ऑनलाइन गेम चलाती थीं। इनके करीब 3 करोड़ यूजर्स थे, जिनमें ज्यादातर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के खिलाड़ी शामिल थे।

ईडी का कहना है कि ये कंपनियां खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए दांव की रकम पर 10 से 15 प्रतिशत तक प्लेटफॉर्म कमीशन लेकर कमाई करती थीं।

गौरतलब है कि अगस्त 2025 में केंद्र सरकार ने ऑनलाइन मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था। इन्होंने बाट्स (आटोमेटेड प्रोग्राम एंड एल्गोरिदम) का इस्तेमाल किया जो प्लेयर्स के विरुद्ध खेलते थे और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। प्लेयर्स को लगातार खेलने और जमा बढ़ाने के लिए बोनस, रेफरल इंसेंटिव, फ्री टूर्नामेंट एंट्री और प्रमोशनल रिवार्ड्स के जरिये लुभाया जाता था।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *