टीकाकरण अभियान चलाना है-रेबीज मुक्त झारखंड बनाना है : रॉबिन टोप्पो

*वर्ष 2029 तक झारखंड को रेबीज मुक्त राज्य बनाने का संकल्प*पशु कल्याण एवं पशु जन्म नियंत्रण विषयक कार्यशाला आयोजित रांची। पशु कल्याण बोर्ड, रांची के तत्वावधान में राजधानी रांची स्थित पशुपालन निदेशालय के सभागार में पशु कल्याण एवं पशु जन्म नियन्त्रण कार्यक्रम की राज्य स्तरीय

*वर्ष 2029 तक झारखंड को रेबीज मुक्त राज्य बनाने का संकल्प
*पशु कल्याण एवं पशु जन्म नियंत्रण विषयक कार्यशाला आयोजित


रांची। पशु कल्याण बोर्ड, रांची के तत्वावधान में राजधानी रांची स्थित पशुपालन निदेशालय के सभागार में पशु कल्याण एवं पशु जन्म नियन्त्रण कार्यक्रम की राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय पशु कल्याण संस्थाओं (स्वयंसेवी संगठन), नगर निगम, जिला, पशुपालन पदाधिकारी, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन के पदाधिकारी सहित पशु कल्याण से जुड़े नागरिक मौजूद रहे।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना, मानव-पशु संघर्ष को कम करना और पशु जन्म नियन्त्रण नियम-2023 के निदेशों का पालन सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक (पशुपालन) रोबिन टोप्पो (भाप्रसे) द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पशु चिकित्सकों, कानूनी विशेषज्ञों और विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि पशुपालन विभाग के निदेशक रॉबिन टोप्पो (भाप्रसे)
ने अपने संबोधन में कहा कि सामूहिक टीकाकरण अभियान चलाकर हम रेबीज मुक्त राज्य बनाने की दिशा में सफल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि नसबन्दी और रेबीज-रोधी टीकाकरण ही आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने का एकमात्र कानूनी, मानवीय और प्रभावी तरीका है।

कार्यशाला में संवाद सत्र भी हुआ। जिसमें विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों के प्रश्नों का निवारण किया गया।
उद्घाटन सत्र के पश्चात तकनीकी एवं विचार-विमर्श सत्र में विशेषज्ञों ने
एबीसी नियम-2023 का पालन, पशुओं को मानवीय तरीके से पकड़ने, ऑपरेशन से पहले और बाद में उचित देखभाल तथा नियमों के अनुपालन पर बल दिया।
रेबीज मुक्त शहर / राज्य बनाने के लिए सामुहिक टीकाकरण अभियान चलाने तथा 2029 तक रेबीज मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया गया।

कार्यशाला में व्यापक जन जागरूकता, कुत्तों के लिए फिडिंग पोस्ट तय करना, स्थानीय स्तर पर मानव-जानवर संघर्ष कम करना और नागरिकों को पशु क्रूरता निवारण के प्रति जागरुक करने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर एनिमल वेलफेयर बोर्ड के डॉ.आरबी चौधरी, डब्लूवीएस के क्लीनिकल डायरेक्टर व टास्क फोर्स मैनेजर डॉ.ए कुमार ने बतौर विशेषज्ञ कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को रेबीज से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया।

कार्यशाला में स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, पुलिस-प्रशासन व रांची नगर निगम प्रबंधन के प्रतिनिधि सहित अन्य उपस्थित थे।
कार्यशाला में ‘पशु मित्र’ पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक में पशुओं और मानव के बीच संबंधों की विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई है। साथ ही रैबिज से बचाव के तरीकों से भी अवगत कराया गया है।

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