रांचीः राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET (UG) Re-2026 के घोषित अंतिम परिणामों में झारखंड के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है.
राज्य के कई मेधावी छात्रों ने 600 से अधिक अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय रैंक प्राप्त की है. मेडिकल प्रवेश परीक्षा के नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड के छात्र अब देश के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.
राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है. वहीं झारखंड के विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य का नाम रोशन किया.
राजधानी रांची स्थित जवाहर विद्या मंदिर (जेवीएम), श्यामली के छात्र ज्ञानेन्द्र गर्व ने 720 में से 665 अंक प्राप्त कर 99.9629481 पर्सेंटाइल, ऑल इंडिया रैंक (AIR) 676 तथा जनरल कैटेगरी रैंक 413 हासिल की. यह झारखंड के प्रमुख प्रदर्शनों में शामिल है. ज्ञानेन्द्र ने जीव विज्ञान, भौतिकी और रसायन विज्ञान तीनों विषयों में बेहतरीन प्रदर्शन किया.
जेवीएम श्यामली के अन्य विद्यार्थियों ने भी शानदार सफलता दर्ज की. मयंक कुमार ने AIR 3211, वैष्णवी राज ने AIR 3905 और सर्वजीत ने AIR 4271 हासिल कर विद्यालय के साथ-साथ राज्य का गौरव बढ़ाया. इसके अलावा विद्यालय के कई अन्य विद्यार्थियों ने भी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धी रैंक प्राप्त की है.
इस वर्ष के परिणामों में केवल जेवीएम ही नहीं, बल्कि दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रांची तथा राज्य के विभिन्न प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. बड़ी संख्या में छात्रों ने 650 से अधिक और 600 से अधिक अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय रैंकिंग में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. इससे स्पष्ट है कि झारखंड में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है और यहां के शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहे हैं.
जेवीएम श्यामली के प्राचार्य बी. एन. झा ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड के विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता अर्जित की है. यह उपलब्धि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है. हमें विश्वास है कि ये विद्यार्थी चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे.




