खूंटी में बुधनी देवी मौत मामला गरमाया, अर्जुन मुंडा और कालीचरण मुंडा आमने-सामने

खूंटी: बिरसा अस्पताल में इलाज के दौरान बुधनी देवी की मौत का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है. मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और कांग्रेस सांसद कालीचरण मुंडा आमने-सामने आ गए हैं. वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में किसी भी

खूंटी: बिरसा अस्पताल में इलाज के दौरान बुधनी देवी की मौत का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है. मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और कांग्रेस सांसद कालीचरण मुंडा आमने-सामने आ गए हैं. वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है. पुलिस ने भी मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

अर्जुन मुंडा ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने बगड़ू गांव पहुंचकर मृतका बुधनी देवी के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. अर्जुन मुंडा ने अस्पताल प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

कालीचरण मुंडा ने किया पलटवार

कांग्रेस सांसद कालीचरण मुंडा ने अर्जुन मुंडा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.सांसद ने पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने कार्यकाल में खूंटी की उपेक्षा करने वाले लोग अब जिले की समस्याओं को लेकर चिंता जता रहे हैं. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

बिरसा अस्पताल ने लापरवाही के आरोपों को नकारा

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच बिरसा अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही से साफ इनकार किया है. अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजय नेहरू ने बताया कि बुधनी देवी बच्चेदानी में ट्यूमर से पीड़ित थीं और उनका इलाज तय चिकित्सीय प्रक्रिया के तहत किया गया. उन्होंने बताया कि मरीज के परिजन पारस हॉस्पिटल और राज हॉस्पिटल से ब्लड लेकर आए थे, जिसे निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार चढ़ाया गया. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित हैं और किसी भी जांच में सहयोग किया जाएगा.

22 जून को भर्ती हुई थीं बुधनी देवी

अस्पताल के मुताबिक बुधनी देवी को 22 जून को भर्ती कराया गया था. 25 और 28 जून को ब्लड चढ़ाने के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था और 29 जून को उन्हें डिस्चार्ज करने की सलाह दी गई थी. इसके बाद परिजनों की सहमति से 3 जुलाई को उन्हें रिम्स रेफर किया गया, जहां 5 जुलाई को उनकी मौत हो गई.

पुलिस जांच में जुटी


खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

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