रांची : झारखंड में कमजोर पड़ते मॉनसून और संभावित सूखे की आशंका के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो ने राज्य सरकार को कृषि, सिंचाई और ग्रामीण रोजगार को लेकर दीर्घकालिक नीति बनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि झारखंड की कृषि आज भी काफी हद तक मानसूनी बारिश पर निर्भर है और कम वर्षा का सीधा असर किसानों की आय तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
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खरीफ की बुआई और रोजगार पर चिंता
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में जयराम महतो ने कहा कि इस वर्ष कम बारिश और मॉनसून की अनिश्चितता के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इसका असर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि और ग्रामीण गैर-खेतिहर मजदूरों की आजीविका भी प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में वैकल्पिक रोजगार के अवसर बढ़ाने की अपील की।
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी. झारखंड में इस वर्ष कमजोर मानसून चिंता बढ़ा रहा है। इसका सीधा असर खेती-किसानी, जल स्रोतों और ग्रामीण आजीविका पर पड़ेगा. राज्य सरकार को मजबूत कृषि नीति के साथ काम करना होगा। राज्य में कृषि काफ़ी हद तक मौसमी बारिश पर निर्भर है।
— Jairam Kumar Mahato MLA (@Tigerjairam) July 16, 2026
इस वर्ष देश में… pic.twitter.com/ag9jq2XJui
मनरेगा, प्रवासी मजदूर आयोग और जल संरक्षण पर जोर
जयराम महतो ने संभावित पलायन को देखते हुए प्रवासी मजदूर आयोग के गठन की मांग की। साथ ही उन्होंने मनरेगा के तहत कार्य दिवस और मजदूरी बढ़ाने, निजी कृषि कार्यों में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने से जुड़े मामले का जल्द समाधान करने तथा सिंचाई, जल संरक्षण और मजबूत कृषि नीति पर दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बताई।
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