रांची : आदिवासी जन परिषद की बैठक शनिवार, 11 जुलाई 2026 को रांची के करम टोली स्थित धूमकुडिया सभागार में प्रेम शाही मुंडा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वर्तमान आदिवासी सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि व्यापक स्तर पर आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे और खरीद-बिक्री की घटनाएं हो रही हैं, जिसे गंभीर चिंता का विषय बताया गया।
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बैठक में कहा गया कि आदिवासी समाज को अपनी जमीन से वंचित किया जा रहा है और इसे रोकने के लिए संगठन अपने संघर्ष को और तेज करेगा। आदिवासी जन परिषद ने कहा कि पेसा कानून की धारा 33(1)(2), अध्याय-15 के तहत ग्राम सभाओं के माध्यम से अभियान चलाकर जमीन संबंधी मामलों में न्यायिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि लोगों को लंबे समय तक अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें।
पेसा कानून और जमीन संरक्षण पर जोर
बैठक में हेमंत सरकार से मांग की गई कि पेसा कानून को प्रभावी बनाने के लिए गांव स्तर के सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। परिषद का कहना है कि आज भी आदिवासियों की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की भूईहरी, खुटकट्टी, डाली कटारी, नौकराना समेत अन्य श्रेणी की जमीनों की गैरकानूनी खरीद-बिक्री की जा रही है।
संगठन ने कहा कि जमीन संबंधी मामलों में दस्तावेजी प्रक्रिया के आधार पर संघर्ष को और मजबूत किया जाएगा। परिषद ने दावा किया कि पंचपरगना क्षेत्र के बुंडू अंचल के बारूहातु गांव में खुटकट्टी जमीन से जुड़े मामले सामने आए हैं तथा खेवट में नाम दर्ज कर व्यापक स्तर पर आदिवासी जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।
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बैठक में यह भी कहा गया कि राज्य में स्थानीय नियोजन नीति लागू नहीं होने के कारण झारखंड के आदिवासी और मूलवासी युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। परिषद ने सभी जिलों में जिला कमेटियों को मजबूत करने तथा संगठन के माध्यम से समाज के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास के लिए संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया।
बैठक में पारित हुए प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें आदिवासियों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक जमीनों पर कथित अनियमितताओं के खिलाफ संघर्ष तेज करने, जमीन संरक्षण के लिए जिला स्तरीय कोर कमेटी गठित करने, अधिक से अधिक आदिवासी युवाओं और महिलाओं को संगठन से जोड़ने तथा ग्राम स्तर पर जाति, धर्म कोड और जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय शामिल है।
इसके अलावा परिषद ने नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति द्वारा 18 जुलाई को राजभवन के समक्ष आयोजित कार्यक्रम को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम प्रधानों को जागरूक करने और जिला स्तरीय सदस्यता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया।
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बैठक में आदिवासी जन परिषद के प्रधान महासचिव अभय भुट कुंवर, महासचिव प्रकाश मंडा, सचिव विष्णु मुंडा, महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष सेलीना लकड़ा, रांची महानगर महिला अध्यक्ष शीला उरांव, रामगढ़ जिला अध्यक्ष अशोक बेदिया, पंचपरगना क्षेत्र अध्यक्ष सिदाम मुंडा, रांची ग्रामीण अध्यक्ष सुनील हीरो, शिवरतन मुंडा, पवन करमाली तथा जमशेदपुर पूर्वी महिला अध्यक्ष रूबी बासा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।




