रांची : दीपावली से पहले रांची के DC मंजूनाथ भजन्त्री ने स्थानीय कुम्हारों को प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी पहल की। शुक्रवार, 06 नवंबर 2026 को वे अरसंडे स्थित बोडया रोड के जय प्रकाश नगर की कुम्हार बस्ती पहुंचे और कारीगरों से मिट्टी के दीये खरीदे। इस दौरान उन्होंने कुम्हार परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। DC का यह दौरा स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने और पारंपरिक कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन कुम्हार परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
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कुम्हार परिवारों को प्रशासन की ओर से मिल रही मदद
DC मंजूनाथ भजन्त्री ने कुम्हार परिवारों से सीधे बातचीत की और उनके कामकाज की स्थिति को समझा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन मुख्यमंत्री लघु कुटीर बोर्ड के माध्यम से इन कारीगरों को लगातार सहयोग दे रहा है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण देने और दूसरी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे भी कारीगरों को जिस तरह की सहायता की जरूरत होगी, प्रशासन उसे उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा। DC ने बताया कि जिला इनोवेशन फंड के माध्यम से संरचना निर्माण, जरूरी उपकरण और अन्य योजनागत सहायता भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य कुम्हार परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने पारंपरिक काम को आगे बढ़ा सकें।
बोले DC – इनके पसीने की कीमत चुकानी होगी
DC ने आम लोगों से स्थानीय कुम्हारों से दीये खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि दीये बनाने में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पूरा परिवार दिन-रात मेहनत करता है। मिट्टी गूंथने से लेकर दीयों को आकार देने, सुखाने और रंग-रोगन करने तक की प्रक्रिया काफी मेहनत वाली होती है। इसके बावजूद कारीगरों को उनकी मेहनत के अनुसार आमदनी नहीं हो पाती।
उन्होंने नागरिकों से उचित कीमत पर स्थानीय कारीगरों से दीये खरीदने का आग्रह किया, ताकि इन परिवारों को उनके रोजगार से वास्तविक आर्थिक लाभ मिल सके। DC ने कहा कि स्थानीय दीयों की खरीदारी बढ़ने से कुम्हारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने बाहरी उत्पादों पर निर्भरता कम करने और स्थानीय बाजार के साथ पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
सड़क की मरम्मत का दिया निर्देश, बच्ची के उपहार से हुए खुश
दौरे के दौरान DC ने एक महिला कारीगर से पेंशन मिलने के बारे में जानकारी ली। महिला ने बताया कि उसे पेंशन मिल रही है। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र की खराब सड़क पर भी ध्यान दिया और संबंधित अधिकारी को तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया। कुम्हारों से दीये खरीदने के बाद DC ने डिजिटल माध्यम से स्वयं भुगतान किया। इसी दौरान एक छोटी बच्ची ने उन्हें मिट्टी से बना खिलौना उपहार में दिया। बच्ची के इस स्नेह से DC काफी खुश हुए और उसे उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कई अधिकारी भी रहे मौजूद
इस दौरे के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, ट्रेनी आईएएस अधिकारी आस्था शरण, जिला जन संपर्क पदाधिकारी उर्वशी पांडेय और डीआरपी रांची श्रीमती आतेन विश्वासी भी मौजूद रहीं। DC की इस पहल पर स्थानीय कुम्हार समुदाय ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। जिला प्रशासन का लक्ष्य इन परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करना और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखना है।



