JTET अभ्यर्थियों की बड़ी मांग, 20 से 25 फीसदी तक ग्रेस मार्क्स देने की अपील

रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में शामिल अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के आधार पर 20 से 25 फीसदी तक ग्रेस मार्क्स देने की मांग की है। ऑल स्टेट बीएड-डीएलएड स्टूडेंट्स एसोसिएशन, झारखंड के अध्यक्ष काजल मंडल ने शुक्रवार को प्रेस

JTET

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में शामिल अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के आधार पर 20 से 25 फीसदी तक ग्रेस मार्क्स देने की मांग की है। ऑल स्टेट बीएड-डीएलएड स्टूडेंट्स एसोसिएशन, झारखंड के अध्यक्ष काजल मंडल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परीक्षा से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा। काजल मंडल ने कहा कि दस साल के लंबे अंतराल के बाद JTET की परीक्षा आयोजित हुई है। ऐसे में कई अभ्यर्थियों के लिए यह अंतिम अवसर था। परीक्षा में कुछ प्रश्नों की त्रुटियों और प्रश्नपत्र के कुछ सेट में क्रम संख्या की गड़बड़ी के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी हुई। एसोसिएशन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री सचिवालय, संबंधित विभागों और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। इसमें अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग की गई है।

Read More : धनतेरस पर हेमंत सोरेन का शुभकामना संदेश, हर घर की खुशहाली की कामना

दस साल बाद हुई परीक्षा, कई अभ्यर्थियों के लिए था अहम मौका

काजल मंडल ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद 2026 में JTET की परीक्षा आयोजित की गई। इस लंबे अंतराल के दौरान बड़ी संख्या में बीएड और डीएलएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में सहायक आचार्य के 26,001 पदों पर हुई नियुक्ति प्रक्रिया में भी कई अभ्यर्थी JTET आयोजित नहीं होने के कारण अवसर से वंचित रह गए। लंबे समय तक परीक्षा नहीं होने से कई अभ्यर्थियों की उम्र भी अधिक हो चुकी है। ऐसे में उनके लिए यह परीक्षा काफी महत्वपूर्ण थी।

प्रश्नपत्र और ओएमआर में गड़बड़ी का उठाया मुद्दा

एसोसिएशन की अध्यक्ष ने परीक्षा में आधिकारिक मॉडल प्रश्नपत्र जारी नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मॉडल सेट उपलब्ध नहीं होने से अभ्यर्थियों को प्रश्नों के पैटर्न की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। इसके अलावा अलग-अलग विषयों के कुछ प्रश्नों में त्रुटियां मिलने की शिकायत भी सामने आई है। कुछ प्रश्नपत्र सेट में क्रम संख्या की गड़बड़ी के कारण ओएमआर शीट भरने में अभ्यर्थियों को परेशानी हुई। काजल मंडल के अनुसार, समय की कमी के कारण कई अभ्यर्थियों से उत्तर भरने में गलतियां हुईं। इससे उन्हें परीक्षा में नुकसान उठाना पड़ा।

सरकार से 20 से 25 फीसदी ग्रेस मार्क्स देने की मांग

काजल मंडल ने कहा कि दूसरे राज्यों में शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में ग्रेस मार्क्स देने के उदाहरण हैं। झारखंड में भी अभ्यर्थियों की परिस्थितियों और परीक्षा से जुड़ी विसंगतियों को ध्यान में रखते हुए राहत दी जानी चाहिए। उन्होंने महिला अभ्यर्थियों और पारा शिक्षकों की समस्याओं का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, पारिवारिक जिम्मेदारियों और अन्य सरकारी कार्यों में व्यस्तता के कारण कई अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। एसोसिएशन ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से सभी पहलुओं की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही JTET अभ्यर्थियों को 20 से 25 फीसदी तक ग्रेस मार्क्स देने पर विचार करने का आग्रह किया है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे कुछ अंकों से पीछे रह गए अभ्यर्थियों को भी शिक्षक बनने की नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सकेगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *