RIMS निदेशक डॉ डीके सिन्हा को छह माह का सेवा विस्तार, 30 अप्रैल 2027 तक संभालेंगे जिम्मेदारी

रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में निदेशक पद को लेकर जारी असमंजस के बीच राज्य सरकार ने डॉ दिपेन्द्र कुमार सिन्हा को छह माह का सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया है। 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए डॉ सिन्हा अब 1 नवंबर 2026

RIMS निदेशक डॉ डीके सिन्हा

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रांची:  राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में निदेशक पद को लेकर जारी असमंजस के बीच राज्य सरकार ने डॉ दिपेन्द्र कुमार सिन्हा को छह माह का सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया है। 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए डॉ सिन्हा अब 1 नवंबर 2026 से 30 अप्रैल 2027 तक निदेशक के प्रभार में बने रहेंगे। यह व्यवस्था अगले आदेश तक, अथवा निर्धारित अवधि समाप्त होने तक, जो पहले हो, प्रभावी रहेगी।
इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि रिम्स राज्य का प्रमुख चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा सेवा संस्थान है. निदेशक का पद रिक्त रहने से संस्थान के प्रशासनिक, वित्तीय और शैक्षणिक कार्यों के सुचारु संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है. इसी को ध्यान में रखते हुए रिम्स शासी परिषद की 66वीं बैठक में डॉ सिन्हा की सेवा अवधि छह माह बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

सेवा विस्तार को मंजूरी

डॉ सिन्हा को इससे पहले विभागीय अधिसूचना संख्या 128 (11), दिनांक 25 जून 2026 के माध्यम से अगले आदेश तक कार्यकारी व्यवस्था के तहत निदेशक का प्रभार सौंपा गया था। अब उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी संस्थान का कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए सेवानिवृत्ति की निर्धारित आयु सीमा से संबंधित प्रावधान में छूट देते हुए सेवा विस्तार को मंजूरी दी गई है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा विस्तार पूरी तरह अस्थायी और कार्यकारी व्यवस्था के तहत होगा।

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इससे डॉ सिन्हा को निदेशक पद पर नियमित नियुक्ति का अधिकार या किसी अन्य लाभ का दावा करने का आधार नहीं मिलेगा। नियमित निदेशक के योगदान देते ही यह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार लोकहित में किसी भी समय इस व्यवस्था को समाप्त कर सकती है।
अधिसूचना के अनुसार, सेवा विस्तार की अवधि में वेतन और भत्तों पर होने वाला खर्च रिम्स के स्वीकृत बजट से वहन किया जाएगा। प्रस्ताव पर झारखंड सरकार के वित्त विभाग तथा कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की सहमति भी प्राप्त होने की बात कही गई है। यह अधिसूचना मंत्रिपरिषद की स्वीकृति की प्रत्याशा में मुख्यमंत्री के आदेश से जारी की गई है।
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