नई दिल्ली: रामलीला मैदान में आज विपक्षी खेमे के अधिकांश राजनीतिक दल जुटे हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे विपक्षी दलों में कांग्रेस, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आहूत इस रैली और विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। सीईसी के खिलाफ रामलीला मैदान में विपक्ष के हल्लाबोल कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा ‘न हम मोदी से नफरत करते हैं, न ही अमित शाह से नफरत करते हैं, न ज्ञानेश कुमार से। मगर आप तीनों ने देश की आत्मा पर आक्रमण किया है। आपने देश के संविधान और लोकतंत्र पर हमला किया है। मेरे लिए कोई दुश्मन नहीं है। न मोदी, न अमित शाह, न ज्ञानेश कुमार। मगर हमारे लिए सबसे जरूरी चीज, धर्म से भी जरूरी चीज है- हिंदुस्तान के नागरिक की आवाज। अगर आप मुझसे मेरा धर्म पूछें तो मैं कहूंगा कि हिंदुस्तान के लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए। यही मेरा धर्म है। हम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हिंसा नहीं करेंगे। उन्हें मारेंगे या काटेंगे नहीं।’
राहुल ने कहा कि गांधीजी ने कहा था कि पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति की आवाज सबसे अहम है। चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, दलित हो, महिला हो, विकलांग हो, जो भी हो, हमें सबकी आवाज की रक्षा करनी है। मोदी जी ने और शाह ने देश में नफरत फैला दी है और इससे देश को नुकसान हो रहा है। यह भीड़ चिल्ला रही है, हमें मोहब्बत चाहिए, भाईचारा चाहिए। हम यही कर के दिखाएंगे। यह प्रदर्शन किसी एक पार्टी का या एक नेता का नहीं है। इसमें सब शामिल हैं। यह हिंदुस्तान की आवाज है। यह हिंदुस्तान के लोकतंत्र को बचाने की आवाज है, संविधान को बचाने की आवाज है।
नतीजा यह है कि किसानों को अधिकार नहीं मिल रहा, युवाओं को हक नहीं मिल रहा, मजदूरों को हक नहीं मिल रहा। नतीजा पूरा का पूरा धन कुछ लोगों के हाथ में चला गया है- अंबानी, अदाणी। उनका हजारों करोड़ का कर्जा माफ हो जाता है। मगर छोटे किसान, मजदूर का बेटा पैसे नहीं लौटा पाता तो उसे जूते मारकर जेल में डाल देते हैं। ऐसा हिंदुस्तान हमें नहीं चाहिए और यह हम स्वीकार नहीं करेंगे। शिव की बारात का नाम सुना है। उसमें कोई भी जा सकता है। उस तांडव में कोई भी जा सकता है। उसमें कभी नहीं कहा जाता कि कोई रोका जाए। हमें वैसा ही हिंदुस्तान चाहिए।
संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे
राहुल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अमित शाह, ज्ञानेश कुमार को आपने मैसेज भेजना था, मैसेज भेज दिया है। यह किसी एक राजनीतिक दल की आवाज नहीं है। यह सिर्फ नेताओं की आवाज नहीं है। यह हिंदुस्तान के युवाओं की आवाज है। किसानों, मजदूरों की आवाज है और यह आवाज कह रही है कि हम लोकतंत्र को हिंदुस्तान में खत्म नहीं होने देंगे। हम संविधान को नष्ट होने नहीं देंगे। आप अपने आप को जितना बड़ा समझो, जितना आपके पास पैसा है, पावर है, आप जो भी हों, आप संविधान से बड़े नहीं हैं, संविधान आपसे बड़ा है।
राहुल ने आगे कहा कि वर्षों से इस देश में वोट चोरी हो रही है। ममता जी ने बंगाल को उदाहरण दिया। मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और 2024 की लोकसभा, सारे चुनाव में वोट चोरी हुई है, ईवीएम के साथ वोट चोरी हुई है। वोटर लिस्ट से नाम काटकर वोट चोरी हुई है। 2024 के चुनाव के बाद 13.5 करोड़ वोटर्स वोटर लिस्ट से हटाए गए। मतलब इतने वोटर्स को हटाया गया। हर सात में से एक वोटर को निकाला गया। 15 फीसदी हिंदुस्तान के वोटर्स को वोटर लिस्ट से हटाया गया, वह भी 2024 के बाद। 2024 में एनडीए और हमारे बीच में तीन फीसदी का फर्क था। उसके बाद 15 फीसदी वोटर्स को वोटिंग लिस्ट से निकाला गया। मतलब 2024 का चुनाव अवैध चुनाव था। चोरी का चुनाव था और यह बात मैं नहीं चुनाव आयोग खुद कह रहा है। क्योंकि उन्होंने 13.5 करोड़ वोटर्स 2024 की लिस्ट से निकाले।
ईवीएम लूटा, लोकतंत्र लूटा, संविधान लूटा: ममता बनर्जी
रामलीला मैदान से टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि हम लोकतंत्र को बचाएंगे। हम छोड़ेंगे नहीं, लड़ेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम हारे नहीं, हराए गए हैं, बंगाल एसआईआर का पीड़ित है। ज्ञानेश कुमार ने मतगणना को हाईजैक किया। अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि- एसआईआर भाजपा की मदद के लिए बनाई गई है। ज्ञानेश कुमार को हटाना होगा। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि इन्होंने राम मंदिर का रुपया भी लूटा है।
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सीईसी ज्ञानेश कुमार पर से उठा लोगों का भरोसा: शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “लोगों का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर से भरोसा उठ गया है। हम ऐसे व्यक्ति को नहीं चाहते, जो निष्पक्ष न होकर एक साम्राज्य की तरह काम करे और मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाकर भारत का राजनीतिक भविष्य तय करने की कोशिश करे। लोगों को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए।”
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “मैंने अपनी पूरी जिंदगी में दिल्ली में ऐसी रैली कभी नहीं देखी। मुझे इस तरह के किसी आयोजन की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि दूर अतीत में ऐसा कुछ हुआ हो, लेकिन मौजूदा हालात में, जब भाजपा सत्ता में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व कर रहे हैं, इतनी बड़ी संख्या में जनता का उत्साह और समर्थन मैंने पहले कभी न देखा है और न ही सुना है। यह दिखाता है कि भाजपा की विदाई का समय नजदीक आ रहा है। उसकी सत्ता से विदाई अब तय होती दिख रही है।”
बदल रहा है पूरे देश का माहौल: सचिन पायलट कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, “लोग न्याय की मांग करने, लोकतंत्र को बचाने और वोटों की चोरी रोकने के लिए दिल्ली आए हैं। पूरे देश का माहौल बदल रहा है। इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ज्ञानेश कुमार ने जो कदम उठाए हैं, वे गैरकानूनी हैं। उन्हें अपने पद से हटना होगा।
उन्होंने आगे कहा, “लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है। हम चुनाव जीतें या हारें, जनता हमेशा सबसे आगे रहनी चाहिए। कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा वाली पार्टी है। हम अहिंसा, प्रेम, सद्भाव और सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। हम चाहते हैं कि लोकतंत्र कायम रहे। हम चाहते हैं कि हमारे गणराज्य के मूल मूल्य, जैसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता, बरकरार रहें।
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