बनासकांठा : PM मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान बनासकांठा पहुंचे। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्थानीय किसानों की तारीफ की और कहा कि बनासकांठा का आलू आज दुनिया भर में मशहूर है। तंज भरे अंदाज में उन्होंने कहा, “यहां आकर कोई नहीं कहता कि आलू से सोना बनाएंगे, क्योंकि यहां के लोग पहले ही आलू से सोना बना रहे हैं।”
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सभा में किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों की जगह चारपाइयां बिछाई गई थीं। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि देश के लोगों के लिए यह अजूबा होगा कि किसी सभा में सभी लोग चारपाई पर बैठे हैं। बनासकांठा के लोगों ने गांवों की इस पुरानी परंपरा को जिंदा रखा है। अगर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड वालों को बुलाया गया होता तो यह रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत 9.34 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिलेगी। उन्होंने 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही दो नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई।
25 साल की जनसेवा का किया जिक्र
PM मोदी ने कहा कि 7 अक्टूबर को सेवक के रूप में काम करते हुए उनके 25 साल पूरे हुए। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को शपथ लेने के बाद गुजरात के लोगों ने उन्हें प्रेम दिया और बहुत कुछ सिखाया। एक सामान्य परिवार से निकलकर उन्हें पहले गुजरात और फिर देश की सेवा की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने कहा कि जनसेवा से राष्ट्रसेवा और गुजरात के विकास से देश का विकास कैसे करना है, यह लोगों ने उन्हें सिखाया। मोदी ने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम भी बनासकांठा में हुआ था, जिसमें 93 लाख लोग पहुंचे थे। 25 साल बाद वह पहली बार बनासकांठा आए हैं।
पानी और बिजली बचाने की अपील
PM मोदी ने अपने संबोधन में पानी और बिजली बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि 25 साल पहले इलाके में बिजली और पानी की समस्या थी। उस समय वह लोगों से पानी और बिजली बचाने की बात कहते थे, लेकिन लोग विरोध करते थे। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयासों के बाद आज स्थिति बदल गई है। पीएम ने लोगों से एक बार फिर पानी और बिजली बचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मछली पालन के क्षेत्र में विस्तार हुआ है और भारत का सीफूड निर्यात दोगुना हो गया है। मधुमक्खी पालन से शहद का उत्पादन भी 12 साल में दोगुना हुआ है। भारत प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है।
गोबर से कमाई बढ़ाने के लिए बायो-CNG प्लांट
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार किसानों की गोबर से होने वाली कमाई भी बढ़ाना चाहती है। गोबर और खेती के अवशेषों से बायोगैस, बायो-CNG और जैविक खाद बनाने के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में बनासकांठा में दो बायो-CNG प्लांट का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने पशुओं के टीकाकरण और नस्ल सुधार पर भी बात की। पीएम के मुताबिक, पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान के तहत करीब 150 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं। आठ करोड़ से अधिक किसानों के पशुओं को मुफ्त टीके लगाए गए हैं। इससे पशुपालकों का खर्च बचा है और दूध उत्पादन बढ़ा है। मोदी ने कहा कि 2013-14 में एक गाय या भैंस से पांच लीटर से भी कम दूध मिलता था, जबकि अब यह बढ़कर आठ लीटर हो गया है। भारत में दूध उत्पादन बढ़ने की गति सबसे तेज है और देश दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है।
IVF तकनीक से पशुओं की नस्ल सुधारने पर जोर
PM मोदी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए देसी नस्लों को संरक्षित और बढ़ावा दिया जा रहा है। बनासकांठा में बना नया रिसर्च सेंटर इस मिशन को मजबूती देगा। यहां मुर्रा और जाफराबादी जैसी नस्लों का संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने इसे देश में अपनी तरह की पहली सुविधा बताया। मोदी ने कहा कि अगर किसी किसान के पास अच्छी नस्ल की ऐसी गाय है, जो ज्यादा दूध देती है और कम खर्च में स्वस्थ रहती है, तो वह चाहेगा कि उसकी अगली पीढ़ी में भी ये गुण बने रहें। IVF तकनीक इसमें मददगार होगी और इसका सीधा लाभ पशुपालकों को मिलेगा।
किसानों के लिए बीजों की करीब 3 हजार नई किस्में
पीएम मोदी ने कहा कि मौसम में बदलाव किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। बीते वर्षों में किसानों को बीजों की करीब तीन हजार नई किस्में दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में विज्ञान और तकनीक पर जोर दिया जा रहा है। बेहतर नस्ल, समय पर टीकाकरण और इलाज से पशुओं का स्वास्थ्य सुधरेगा और पशुपालकों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि किसानों के पास 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड हैं। इससे उन्हें खेत की जरूरत के मुताबिक खाद का इस्तेमाल करने में मदद मिली है और खेती के तरीकों में आधुनिकता आई है।
किसानों को योजनाओं से बचत और आर्थिक मदद
PM मोदी ने कहा कि पांच योजनाओं के जरिए देश के किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत अब तक करीब 4.50 लाख करोड़ रुपये छोटे किसानों के खातों में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि देश में छोटे किसानों की संख्या 85 प्रतिशत से अधिक है और सरकार ने उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर इस योजना की शुरुआत की। मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच खाद की कीमतों में उछाल का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया गया। किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने दावा किया कि गेहूं और धान की एमएसपी पर खरीद से किसानों के खातों में 24 लाख करोड़ रुपये पहुंचे हैं।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, पिछले 10 से 12 वर्षों में फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मुआवजे के रूप में दो लाख करोड़ रुपये मिल चुके हैं। सिंचाई की लागत कम करने के लिए पीएम-कुसुम योजना के तहत करीब 12 लाख सोलर पंप दिए गए हैं। इससे किसानों को डीजल और बिजली पर होने वाले खर्च में बचत हुई है। उन्होंने कहा कि देश का कृषि बजट 2013-14 की तुलना में पांच गुना हो गया है। पीएम-किसान सम्मान निधि की नई किस्त से गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को भी लाभ मिलेगा। उनके खातों में करीब एक हजार करोड़ रुपये जमा हुए हैं, जबकि बनासकांठा के किसानों के खातों में 50 करोड़ रुपये पहुंचे हैं।
दो नई ट्रेन सेवाओं को दिखाई हरी झंडी
PM मोदी ने दो नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इनमें एक ट्रेन अहमदाबाद और वाराणसी के बीच चलेगी, जबकि दूसरी मेहसाणा और साबरमती के बीच संचालित होगी। इसके अलावा उन्होंने बनासकांठा में रोड शो भी किया। पीएम मोदी ने बनासकांठा में एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ET-IVF) लैब और भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) के पशु फार्म का दौरा किया। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे। अपने भाषण की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने मां अंबा की पावन भूमि को प्रणाम किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से हिंदी में भाषण देने की अनुमति भी मांगी। मोदी ने कहा कि वह बनासकांठा के लोगों से माफी चाहते हैं, क्योंकि वह हिंदी में बोल रहे हैं। कार्यक्रम में कुछ लोग ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ लिखे पोस्टर लेकर भी पहुंचे।



