रांची : रांची नगर निगम ने झारखंड भवन उपविधि, 2016 का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अवैध निर्माण, स्वीकृत नक्शे में विचलन और आवासीय भवनों के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में आज यानी बुधवार को मोरहाबादी क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में 15 भवनों और प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। नगर निगम की टीम ने रजिस्ट्री ऑफिस से मान्या पैलेस तक विभिन्न भवनों और प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान स्वीकृत भवन प्लान, इमारतों के वास्तविक उपयोग और अवैध संरचनाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।
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भवन नक्शे और वैधानिक नियमों का पालन अनिवार्य
रांची नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत भवन प्लान के बिना निर्माण करना, मंजूर नक्शे से अलग निर्माण करना या जरूरी कानूनी अनुमति के बिना आवासीय भवन का व्यावसायिक इस्तेमाल करना नियमों के अनुरूप नहीं है। निगम ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के Civil Appeal No. 14605 of 2024 में 17 दिसंबर 2024 को पारित आदेश के पैरा 20 का भी उल्लेख किया है। इसमें स्वीकृत भवन प्लान के उल्लंघन और अनधिकृत निर्माण के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। नगर निगम ने भवन मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों से निर्माण तथा भवन के उपयोग से संबंधित सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
तीन दिनों में जमा करने होंगे जरूरी दस्तावेज
नोटिस पाने वाले भवन मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों को पत्र प्राप्त होने की तारीख से तीन दिनों के भीतर स्वीकृत भवन प्लान और संबंधित वैधानिक दस्तावेज नगर निगम के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। निर्धारित समयसीमा में निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित भवनों को सील करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। निगम ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड भवन उपविधि, 2016 के संबंधित प्रावधानों के तहत की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन मिलने पर होगी कार्रवाई
रांची नगर निगम ने भवन मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे स्वीकृत नक्शे, भवन निर्माण और उसके उपयोग से जुड़े नियमों का पालन करें। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मोरहाबादी में चलाए गए इस जांच अभियान के दौरान सहायक नगर निवेशक, कनीय अभियंता और नगर निगम के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।



