रांची में बच्चों के अधिकारों पर डालसा की पहल, बताए गए बाल अधिकार

रांची : रांची में बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। बुधवार को तमाड़, नामकुम और बुंडू स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में आयोजित इन

डालसा
बाल सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची : रांची में बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। बुधवार को तमाड़, नामकुम और बुंडू स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में आयोजित इन कार्यक्रमों में छात्राओं को बाल अधिकार, शिक्षा, शोषण से बचाव और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई। यह अभियान झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष एवं माननीय न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश पर चलाया जा रहा है। सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और रांची के न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में तथा डालसा सचिव (प्रभारी) के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

Read More : झारखंड के विभागों को बजट खर्च में तेजी लाने का निर्देश, वित्त मंत्री ने लिखा पत्र

बच्चों को बताए गए उनके कानूनी अधिकार

कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि नालसा के सुरक्षित बचपन अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने, सम्मानपूर्वक जीवन जीने और अपने अधिकारों की रक्षा का हक है। बच्चों और उपस्थित लोगों को बाल श्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी, बाल शोषण, बाल यौन उत्पीड़न और बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें समझाया गया कि किसी बच्चे के साथ शोषण या अपराध की जानकारी मिलने पर संबंधित प्राधिकार अथवा सक्षम विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।

POCSO एक्ट और बाल सुरक्षा कानूनों की जानकारी

डालसा के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) ने छात्राओं को पॉक्सो एक्ट, बाल श्रम, बाल विवाह, भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ बने नियमों की जानकारी दी। इसके अलावा डायन प्रथा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी बच्चे के साथ अन्याय होने पर उसे चुप नहीं रहना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज और प्रशासन की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुफ्त कानूनी सहायता और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधा के बारे में बताया गया। साथ ही बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई और अन्य संबंधित संस्थाओं की भूमिका समझाई गई। जरूरतमंद बच्चों को उचित सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए इन संस्थाओं के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया। डालसा की टीम ने हेल्पलाइन नंबर 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी भी दी। छात्राओं को बताया गया कि जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त की जा सकती है।

12 दिसंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत की भी दी जानकारी

कार्यक्रम में आगामी 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता की उपलब्धता और उससे जुड़ी सुविधाओं के बारे में बताया गया। डालसा ने आम नागरिकों, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से बच्चों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की। साथ ही बाल अधिकारों का सम्मान करने और बाल शोषण या अधिकारों के उल्लंघन को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

इस जागरूकता कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, एलएडीसी सहायक और पीएलवी गणेश कुमार, प्रदीप नाग, लता कुमारी, बिमला कुमारी, रुकमनि देवी, सोनोमनी देवी, अनिमा मल्लिक, प्रदुमन प्रमाणिक, राजा वर्मा, युधिष्ठिर महतो, सीमा कुमारी, तारा मिंज, जसिंता टोप्पो और प्रीति कुमारी मौजूद थीं। इसके अलावा संबंधित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.