रांची : रांची: झारखंड में BJP ने अपने संगठन को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। पार्टी ने प्रदेश के नेताओं और पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इसके तहत राज्य के पांचों प्रमंडलों के साथ-साथ अलग-अलग मोर्चों, प्रकोष्ठों और विभागों के कामकाज का भी बंटवारा कर दिया गया है। BJP का जोर अब संगठन को जिला से लेकर मंडल और बूथ स्तर तक मजबूत करने पर है, ताकि पार्टी का कामकाज और तेज हो सके। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सह झारखंड प्रदेश प्रभारी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने नेताओं की जिम्मेदारियां तय की हैं। वहीं, दोनों प्रदेश सह-प्रभारियों के बीच भी काम बांट दिया गया है। पार्टी का मकसद है कि सभी नेता और पदाधिकारी अपने-अपने जिम्मे का काम ठीक से संभालें, आपस में तालमेल बनाकर चलें और संगठन के काम में किसी तरह की ढिलाई न हो।
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सौरभ सिंह को मोर्चों और निवेदिता सिंह को प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश सह-प्रभारी सौरभ सिंह को सभी मोर्चों और विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, सह-प्रभारी निवेदिता सिंह प्रकोष्ठों के कामकाज और उनके बीच समन्वय का दायित्व संभालेंगी। प्रदेश नेतृत्व ने जिला और मंडल स्तर पर भी संगठनात्मक कामकाज को प्रभावी बनाने के लिए पदाधिकारियों की भूमिकाएं तय की हैं। पार्टी का जोर अलग-अलग इकाइयों के बीच तालमेल बनाए रखने और संगठन से जुड़े कार्यक्रमों को नियमित रूप से आगे बढ़ाने पर है।
सभी 30 सांगठनिक जिलों में प्रवास का निर्देश
प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने सभी प्रदेश पदाधिकारियों को नियमित रूप से राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रवास करने का निर्देश दिया है। जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और सभी 30 सांगठनिक जिलों के मोर्चा अध्यक्षों को भी अपने-अपने क्षेत्रों के मंडलों में लगातार जाने को कहा गया है। इस दौरान पदाधिकारियों को संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करनी होगी। साथ ही कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर स्थानीय स्तर पर पार्टी के कामकाज और उनकी समस्याओं की जानकारी लेनी होगी।
हर महीने रिपोर्ट देनी होगी, 10 नवंबर तक बनेंगी कमेटियां
संगठनात्मक कामकाज में नियमितता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को हर महीने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपनी होगी। इन रिपोर्टों के आधार पर प्रवास, संगठन विस्तार और तय किए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत और विचार-विमर्श के बाद 10 नवंबर तक संगठन की विभिन्न कमेटियों का गठन पूरा करने का निर्देश दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश नेतृत्व का जोर संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करने और बूथ, मंडल तथा जिला स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को गति देने पर है।




